Yuva Haryana : हरियाणा में रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। प्रदेश की सभी 143 तहसीलों और सब तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री लागू करने के बाद अब सरकार नई प्रक्रिया फेसलेस रजिस्ट्री को भी शुरू करने जा रही है।
सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक राज्य में ‘फेसलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ का पायलट प्रोजेक्ट फरीदाबाद से मार्च माह के अंत तक शुरू किया जाएगा।
यह पायलट प्रोजेक्ट फरीदाबाद जिले की एक तहसील में तीन महीने के लिए लागू किया जाएगा। इस अवधि में इसकी कार्यप्रणाली की लगातार निगरानी की जाएगी और परिणामों के आधार पर अन्य जिलों में विस्तार का निर्णय लिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि नई प्रणाली के माध्यम से पूरी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल किया जाएगा, जिससे तेज प्रोसेसिंग, बेहतर दक्षता और मानवीय हस्तक्षेप में कमी आएगी। इससे संपत्ति लेन-देन अधिक पारदर्शी और परेशानी मुक्त बन सकेगा।
यह फेसलेस सिस्टम भारत सरकार के MeitY क्लाउड पर सुरक्षित रूप से होस्ट किया जाएगा, जिससे उच्च स्तर की डेटा सुरक्षा, स्केलेबिलिटी और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। सभी अप्रूव्ड फीचर्स और फंक्शनैलिटीज को पायलट फेज के दौरान डिप्लॉय किया जाएगा, जबकि कुछ नॉन-क्रिटिकल फीचर्स को यूजर फीडबैक और ऑपरेशनल जरूरतों के आधार पर बाद में शामिल किया जा सकता है।
परियोजना के सुचारू संचालन के लिए राजस्व विभाग एवं कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, ताकि बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
तकनीकी कार्य पूरा होने और यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग (UAT) के बाद तीन माह का पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। सर्वर होस्टिंग सपोर्ट रेवेन्यू डिपार्टमेंट की आईटी टीम द्वारा दिया जाएगा। होस्टिंग के अलावा सरकार द्वारा लागू करने वाली एजेंसी को कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी, जिससे क्वालिटी स्टैंडर्ड बनाए रखते हुए लागत प्रभावी तरीके से काम पूरा हो सके।
राज्य सरकार के मुताबिक फेसलेस रजिस्ट्रेशन सिस्टम से पारदर्शिता और बढ़ेगी, प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होगी और प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन में लोगों का भरोसा बढ़ेगा। आमने-सामने की बातचीत खत्म होने से भ्रष्टाचार के मौके कम होंगे और यह सुनिश्चित होगा कि सभी नागरिकों को समान रूप से सेवाएं मिलें।
नागरिकों को तेज़ प्रोसेसिंग टाइम, कम डॉक्यूमेंटेशन की ज़रूरत और घर बैठे आराम से प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पूरा करने की सुविधा का फायदा मिलेगा। यह डिजिटल सिस्टम एक पूरा ऑडिट ट्रेल भी बनाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया ज़्यादा जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी।



