Yuva Haryana : हरियाणा में विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान बीपीएल कार्ड धारकों का मुद्दा गूंजा है। विपक्ष की ओर से बीपीएल कार्ड काटने का मुद्दा उठाया गया, जिस पर सदन में खूब हंगामा हुआ।
इस दौरान यह बड़ी जानकारी भी सामने आई कि पिछले दो साल में करीब 18 लाख परिवारों को बीपीएल श्रेणी से बाहर कर दिया गया है।
दरअसल, कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने यह मुद्दा सदन में उठाया था और उन्होंने सरकार से मुफ्त राशन श्रेणियों, लाभार्थियों और रद्द हुए राशन कार्डों के बारे में जानकारी मांगी थी। इस पर प्रदेश के खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने एक रिपोर्ट पेश की।
मंत्री राजेश नागर ने बताया कि प्रदेश में बीपीएल के अंतर्गत 37 लाख 67 हजार 264 और अंत्योदय अन्न योजना के तहत तीन लाख एक हजार 700 राशन कार्ड बने हुए है।
सदन में हंगामे के बीच मंत्री ने ये भी जानकारी दी कि अक्टूबर 2023 से लेकर नवंबर 2025 तक प्रदेश में एएवाई श्रेणी के 52,119 और बीपीएल श्रेणी के 17 लाख 89 हजार 297 राशन कार्ड काटे गए है।
इस दौरान कांग्रेसी विधायक बत्रा ने कहा कि प्रदेश में चुनाव से पहले 51 लाख से अधिक कार्ड धारक थे। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद इनकी संख्या घटाकर 40 लाख रह गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मुफ्त राशन के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है।
यहां तक कि कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने मुफ्त राशन को स्कैंडल का नाम दिया तो सीएम नायब सैनी ने खुद मोर्चा संभालते हुए विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। इस दौरान कांग्रेस के कई विधायकों ने सदन में शोर मचाया। कांग्रेस विधायक शकुंतला खटक और आफताब अहमद समेत कई विधायक सीटें छोड़कर खड़े हो गए। सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि जनता ने कांग्रेस को खारिज कर दिया है।
वहीं अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के दौरान सीएम ने बीपीएल कार्ड के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं की वजह से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है और वे स्वतः ही गरीबी रेखा से बाहर आ गए है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी का राशन कार्ड काटा नहीं है, बल्कि उनका जीवन स्तर ऊपर उठाकर उन्हें गरीबी रेखा से बाहर निकालने में मदद की है। लेकिन कांग्रेस विधायकों को गरीब के जीवन स्तर में सुधार होने पर भी आपत्ति है।
सीएम ने कहा कि सदन में उस दिन यह भाव था कि जिन लोगों ने अपनी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये से अधिक होने के बावजूद उसे कम दिखा दिया है, उनके नाम काट देने चाहिएं। ऐसे सभी लोग चाहे वे किसी भी पार्टी से या व्यक्ति से संबंध रखते हों, अगर उन्होंने गलत तरीके से खुद को बीपीएल दिखा रखा है, तो उन्हें बीपीएल कैटेगरी से बाहर कर देना चाहिए। इसके बाद कुछ लोगों ने अपने नाम बीपीएल सूची से कटवा लिए।
सीएम ने ये भी बताया कि दोबारा वेरिफिकेशन भी करवाई गई। इस दौरान जिन लोगों की आय 1 लाख 80 हजार रुपये से अधिक थी, उनको भी बीपीएल सूची से बाहर कर दिया गया है। इस प्रकार, गलत नीयत से अपनी इनकम कम दिखाकर बनाए गए राशन कार्ड पारदर्शी प्रक्रिया के तहत काटे हैं। परंतु फिर भी यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम बीपीएल राशन कार्ड सूची से कट गया है, तो वह इसे ठीक करवा सकता है। बीपीएल राशन कार्ड को शामिल करने या हटाने की यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है।



