Yuva Haryana : हरियाणा और पंजाब के बीच राजधानी चंडीगढ़ को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बयानबाजी जारी है। चंडीगढ़ पर दोनों ही राज्य अपना-अपना हक जताने में लगे हुए है।
इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने एक बड़ा दावा किया है, जो कि खासा में चर्चा में है।
रणदीप सुरजेवाला का मानना है कि अगर केंद्र सरकार हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपए का फंड दे देती है तो हरियाणा चंडीगढ़ पर दावा छोड़ने को तैयार है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरजेवाला ने कहा कि चंडीगढ़ के मुद्दे पर हरियाणा की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के तहत चंडीगढ़ का बंटवारा 60-40 के अनुपात में पंजाब और हरियाणा के बीच किया गया था।
सुरजेवाला ने कहा कि बंटवारे के तहत हरियाणा का चंडीगढ़ पर 40 प्रतिशत कानूनी और संवैधानिक अधिकार बनता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह अधिकार स्पष्ट रूप से मौजूद है तो हरियाणा बिना किसी ठोस विकल्प के अपना हिस्सा क्यों छोड़े।
इस दौरान सुरजेवाला ने चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के एक बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। मनीष तिवारी द्वारा चंडीगढ़ को मूल रूप से पंजाब की राजधानी बताने के बयान पर सुरजेवाला ने कहा कि तिवारी अपने दृष्टिकोण से सही हो सकते हैं, लेकिन हरियाणा का भी चंडीगढ़ में वैध हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि अगर यह हिस्सा छोड़ने की बात होती है तो केंद्र सरकार को हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने होंगे।



