Yuva Haryana : हरियाणा में राज्य सरकार ने सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार न केवल योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थियों का नाम सार्वजनिक करेगी, बल्कि इसके लिए प्रदेश के सभी गांवों में विशेष ग्राम सभाएं होंगी। साथ ही ग्राम सभाओं की रिपोर्ट मुख्यालय में जमा होंगी और इसके बाद दर्ज आपत्तियों पर फैसला लिया जाएगा।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश की सभी 6205 ग्राम पंचायतों में 17 जनवरी से एक फरवरी तक पांच चरणों में ग्राम सभाएं की जाएंगी। इन सभाओं में क्रिड के माध्यम से लाभ लेने वाले लाभार्थियों के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल कल्याण विकास, खाद्य एवं आपूर्ति, पशुपालन सहित अन्य मुख्य विभागों के लाभार्थियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
इन विशेष ग्राम सभाओं में संबंधित विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे। हर ग्राम सभा में पांच से दस लाभार्थियों के सत्यापन की रिकॉर्डिंग की जाएगी। इस दौरान आपत्तियों और सुधारों को भी प्रस्ताव बहुमत की सहमति से पास किए जाएंगे। कार्यवाही ग्राम पंचायत रजिस्टर में रिकॉर्ड होगी, इन पर सरपंच, ग्राम सचिव और ग्राम सभा के कम से कम दो सम्मानित सदस्यों के हस्ताक्षर होंगे।
आपको बता दें कि प्रदेश सरकार की सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पिछले सवा साल में करीब 13 लाख बीपीएल कार्ड धारक अपात्र मिले थे, जो कि साल 2024 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने ही सत्यापन करके नए बीपीएल लाभार्थी बनाए थे। इसके अलावा श्रम विभाग की वर्क स्लिप और श्रमिक पंजीकरण में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई है, जिसके बाद सरकार ने अब यह नया फैसला लिया है।



