Yuva Haryana : हरियाणा में पिछले लंबे समय से बेरोजगारी का विषय खासा चिंताजनक रहा है। ऐसे में अब एक राहत भरी खबर सामने आई है, जिससे हरियाणा की तस्वीर बदलती हुई दिखाई दे रही है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित आरबीआई की ताजा रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में बेरोजगारी दर पिछले सात सालों में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हरियाणा के गांवों में प्रति हजार मात्र 31 और शहरों में 40 लोग ही बेरोजगार बचे है।
हैरानी की बात ये है कि शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े है। हरियाणा में साल 2017-2018 में यह आंकड़ा शहरी क्षेत्रों में प्रति हजार 73 और ग्रामीण क्षेत्रों में 93 के आसपास था।
अगर साल दर साल इस बेरोजगारी आंकड़े की बात करें तो खासा उतार-चढ़ाव नजर आया है। 2018-19 में शहरों में 87 और गांवों में 95, 2019-20 में शहरों में 65 और गांवों में भी 65, 2020-21 में शहरों में 81 और गांवों में 54, 2021-22 में शहरों में 89 और गांवों में 90, 2022-23 में शहरों में 65 और गांवों में 58 और 2023-24 में शहरों में 40 और गांवों में 31 बेरोजगारी दर देखने को मिली।
इस ताजा आंकड़ों के अनुसार अगर ग्रामीण क्षेत्र में फिलहाल महिलाओं की बेरोजगारी दर की बात करें तो 17 बताई गई है, जो कि 2019-20 के (49 बेरोजगारी दर थी) के बाद सबसे कम दर्ज की गई है।
वहीं गांवों में अगर पुरुषों की बात करें तो एक हजार पर 36 पुरुष बेरोजगार घर बैठे है। 2021-22 में यह दर 91 थी। शहरी क्षेत्र में फिलहाल 33 बेरोजगारी दर महिलाओं की है, जो कि 2017-18 में 120 थी और फिलहाल पुरुष एक हजार पर 41 बेरोजगार है। 2021-22 में यह दर 87 थी।
इस रिपोर्ट के अनुसार अन्य राज्यों के मुकाबले भी हरियाणा के हाल बहुत अच्छे दिखाई दे रहे है। हरियाणा में फिलहाल बेरोजगारी दर एक हजार में शहरों में 40 और गांवों में 31 है। वहीं राजस्थान में शहरों में 77 और गांवों में 32 बेरोजगारी दर है। पंजाब के शहरों में 56 और गांवों में 54 बेरोजगारी दर है।
वहीं हिमाचल में फिलहाल बेरोजगारी दर शहरों में 90 और गांवों में 54 है। दिल्ली में शहरों में 20 और गांवों में 60 तथा यूपी के शहरों में 68 और गांवों में 22 बेरोजगारी दर दिखाई गई है।
आखिरकार हरियाणा में बेरोजगारी की तस्वीर कैसे बदली है ? इस बारे खबर में दावा किया गया है कि बेरोजगारी घटने के पीछे एमएसएमई की बड़ी भूमिका नजर आई है। हरियाणा में पिछले पांच साल में स्थापित 12 लाख एसएमई में करीब ढाई लाख इकाईयों के जरिए 15 लाख लोगों को रोजगार मिला है। राज्य में 39 लाख रोजगार एमएसएमई और इंडस्ट्री से मिल रहा है। इसके अलावा राज्य में 10 हजार स्टार्टअप शुरू हुए है। वहीं एचकेआरएन के जरिए भी रोजगार दिया जा रहा है।



