Yuva Haryana : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शनिवार को चंडीगढ़ में हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की एक अहम बैठक हुई है। इस बैठक में करीब चार हजार करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी मिली है।
इस बैठक में कई विभागों से संबंधित महत्त्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया और इनके कार्यों की खरीद से संबंधित निर्णय लिए गए। इस दौरान हरियाणा सरकार ने नेगोशिएशन से लगभग 150 करोड़ों रुपए बचत करने का दावा किया है।
जानकारी के अनुसार बैठक में कुल 58 निविदाओं पर विचार किया गया, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 4216 करोड़ रुपये थी। इनमें से दो निविदाओं को रिटेंडर करने का निर्णय लिया गया। शेष 56 निविदाओं, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 4166 करोड़ रुपये थी, लेकिन बोलीदाताओं के साथ सरकार की ओर से नेगोशिएशन के उपरांत कुल कार्य मूल्य लगभग 4016 करोड़ रुपये पर सहमति बनी।
इस प्रकार नेगोशिएशन प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 150 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत सुनिश्चित की गई है। सरकार मानना है कि इससे राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और संसाधनों के कुशल उपयोग को मजबूती मिली है।
बैठक में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के विभिन्न क्षेत्रों में वितरण अवसंरचना विकास, लाइन लॉस में कमी, नए 33 केवी सब-स्टेशनों की स्थापना और मौजूदा सब-स्टेशनों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर चुकी फर्मों, एजेंसियों को कार्य आवंटित करने की मंजूरी दी गई।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अंतर्गत डबवाली, नरवाना, सोहना, सिरसा, गुरुग्राम-II, फतेहाबाद, हिसार, नारनौल एवं रेवाड़ी क्षेत्रों में वितरण अवसंरचना विकास एवं सब-स्टेशन सुदृढ़ीकरण से संबंधित कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई।
इसी प्रकार उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अंतर्गत पंचकूला, पिंजौर, बरवाला, रायपुर रानी, पानीपत, करनाल, समालखा और रोहतक जोन के विभिन्न क्षेत्रों में वितरण व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और सब-स्टेशन विस्तार से संबंधित कार्यों को मंजूरी दी गई।
गुरुग्राम में एससीएडीए और डीएमएस, ओएमएस प्रणाली के क्रियान्वयन से संबंधित प्रस्ताव को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई।
एजेंडा में शामिल फरीदाबाद एवं गुरुग्राम में आरडीएसएस योजना के तहत 66 केवी सब-स्टेशनों से जुड़े 11 केवी शहरी एवं औद्योगिक फीडरों की विद्युत वितरण अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित कार्यों के लिए टेंडर को रिटेंडर करने का निर्णय लिया गया।
इसके अतिरिक्त बैठक में शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना से संबंधित कई अन्य महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
इनमें सोनीपत महानगरीय विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सेक्टर 5/6, 6/9 और 5/10 के बीच मास्टर रोड्स के शेष हिस्सों के चार लेन चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य को मंजूरी मिली।
पंचकूला में घग्गर नदी पर सेक्टर-3 एवं सेक्टर-21 को सेक्टर-23 एवं सेक्टर-25 से जोड़ने वाली सड़क पर पंचकूला गोल्फ क्लब के निकट मौजूदा पुल के समीप एक नए उच्च स्तरीय पुल का निर्माण, पंचकूला महानगरीय विकास प्राधिकरण के अंतर्गत शहर से गुजरने वाली दो जल धाराओं के सौंदर्यीकरण एवं पुनर्जीवन तथा उनके आसपास के क्षेत्रों के वाणिज्यिक एवं मनोरंजन उपयोग से संबंधित परियोजनाएं को स्वीकृति प्रदान की गई।
फरीदाबाद के सेक्टर-78 और गुरुग्राम के सेक्टर-9 में कार्यरत महिलाओं के लिए आधुनिक हॉस्टल भवनों का निर्माण, जिसमें सिविल, विद्युत, प्लंबिंग, फायर फाइटिंग, फायर अलार्म, सीसीटीवी, एचवीएसी, लिफ्ट, हॉर्टिकल्चर एवं अन्य सहायक कार्यों सहित निर्धारित अवधि तक रख-रखाव शामिल है। इसके अलावा भिवानी स्थित विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में कन्वेंशन सेंटर भवन के शेष कार्यों को पूर्ण करने से संबंधित प्रस्ताव को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं में न्यूनतम लागत पर अधिकतम गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा टिकाऊ, दीर्घकालिक और कम रखरखाव वाली निर्माण सामग्री का उपयोग किया जाए।



