Yuva Haryana : हरियाणा में कांग्रेस की एकजुटता पर एक बार फिर से सवाल उठ रहे है। पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह द्वारा शुरू की गई पदयात्रा ने कांग्रेस की गुटबाजी को उजागर किया है।
दरअसल, हरियाणा की राजनीति में अपना वजूद कायम करने के लिए बृजेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर हरियाणा में पदयात्रा शुरू की है। रविवार को सद्भावना यात्रा शुरू की गई।
बृजेंद्र सिंह ने यात्रा की शुरुआत जींद जिले के गांव दनौदा के ऐतिहासिक चबूतरे से की। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के गुट ने पूरी तरह किनारा रखा। हालांकि, राजस्थान के चूरू से सांसद राहुल कस्वां और रणदीप सुरजेवाला के बेटे कैथल से विधायक आदित्य सुरजेवाला बृजेंद्र के इस कार्यक्रम में पहुंचे। इनके अलावा कोई बड़ा नेता यात्रा में शामिल नहीं हुआ।
इतना ही नहीं, जींद जिले से कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और जिले की एकमात्र जुलाना से कांग्रेसी विधायक विनेश फोगाट भी इस यात्रा में शामिल नहीं हुई।
बृजेंद्र द्वारा प्रदेश के लोगों में आपसी भाईचारा और सद्भाव बढ़ाने के लिए शुरू की गई इस यात्रा का जोर-शोर से प्रचार किया गया था और इसमें कांग्रेस के बड़े नेताओं के भी शामिल होने का दावा किया गया था।
यहां तक कि यात्रा के संबोधन में पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह अपने कांग्रेसी नेताओं पर ही निशाना साध गए। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जो लोग कांग्रेस को तोड़ने की बात कर रहे है, उनका भी विरोध किया जाएगा।
साथ ही बीरेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि भाजपा युवाओं को चार-चार साल के लिए सेना में भेज कर सेना को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार किसी भी गरीब वर्ग को आगे बढ़ने नहीं देती, जबकि कांग्रेस भाईचारे की प्रतीक है। इस मौके पर राजस्थान के चूरू से सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि ये यात्रा बीजेपी का घमंड तोड़ने का काम करेगी।
यात्रा के बारे में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने बताया कि आने वाले सवा महीने में ये यात्रा हरियाणा के 14 विधानसभा हलकों से होकर गुजरेगी। यात्रा का दूसरा चरण नांगल चौधरी से शुरू होगा और लगभग सात महीने तक चलेगा। प्रत्येक हलके में यात्रा का दो दिन का कार्यक्रम है जबकि कई बड़े शहरों में कुछ दिन अधिक भी हो सकता है।



