Yuva Haryana : हरियाणा में सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) की सीधी भर्ती का मामला तूल पकड़ता ही जा रहा है। दरअसल, अब डॉक्टरों के विरोध के चलते इस फैसले को लागू करने में पेंच फंसता हुआ नजर आ रहा है।
वीरवार को हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने एसएमओ की सीधी भर्ती के फैसले को वापस लेने के लिए पंचकूला में प्रदर्शन किया। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा।
डीजी हेल्थ ऑफिस के बाहर हरियाणा के डॉक्टरों ने इस सीधी भर्ती को मरीजों के हित में नहीं बताया और सरकार पर वीआईपी लोगों को भर्ती के जरिए एडजस्ट करने का आरोप लगाया।
इस बीच डीजी हेल्थ ने प्रदर्शनकारी डॉक्टर को बातचीत करने के लिए अपने ऑफिस भी बुलाया। इस दौरान डॉक्टरों ने डीजी हेल्थ से सवाल करते हुए कहा कि कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आश्वासन दिया था कि एसएमओ की डायरेक्ट भर्ती नहीं होगी तो अब ये फैसला दोबारा क्यूं लिया गया ?
साथ ही डॉक्टरों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार द्वारा ये फैसला वापस नहीं लिया गया तो डॉक्टर जार्च छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे। डॉक्टरों ने डीजी हेल्थ को स्पष्ट कहा कि वे अभी रिजाइन देने को तैयार है और पीएनडीटी और दूसरे नेशनल कार्यक्रम देखने भी छोड़ रहे है। हेल्थ विभाग डेंटल डॉक्टरों से काम चलाए और एमएलआर भी उन्हीं से कटवाएं।
वहीं डीजी हेल्थ ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को समझाया कि ये मौजूदा सरकार का फैसला है और सर्विस रूल के मुताबिक ही ये फैसला लिया गया है।
आपको बता दें कि हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश में अभी 200 पोस्ट सीनियर मेडिकल ऑफिसर की खाली पड़ी है। सरकार इसमें 160 पोस्ट को सीधी भर्ती करने की तैयारी कर रही है और 40 पोस्ट पर ही डॉक्टरों को प्रमोट किया जाएगा। सरकार का यह फैसला बेहद गलत है।
एसोसिएशन इस कारण के चलते एसएमओ की सीधी भर्ती का विरोध कर रही है। उनकी मांग है कि सभी 200 पोस्ट डॉक्टर को प्रमोट करके ही भरी जाए। सरकार ने एक साल पहले डायरेक्ट एसएमओ की भर्ती पर रोक लगाई थी और इसी फैसले को ही दोबारा लागू किया जाए।



