Yuva Haryana : कांग्रेस की मनरेगा और भाजपा की बीबी-जीरामजी योजना को लेकर मचे सियासी उबाल के बीच अब भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की काम के बदले अनाज योजना का भी जिक्र हो रहा है।
दरअसल, इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को आड़े हाथों लेते कहा है कि चौधरी देवीलाल ने काम के बदले अनाज देने की योजना सबसे पहले शुरू की थी, जिसके बाद अपने निजी स्वार्थ के लिए पहले कांग्रेस और फिर भाजपा ने सिर्फ योजनाओं के नाम बदले है। साथ ही योजना की मूल भावना को खत्म कर दिया है।
रोहतक में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए अभय चौटाला ने कहा कि यह योजना उन गरीब मजदूरों के लिए थी, जिनके पास न जमीन थी और न ही कोई स्थाई रोजगार। उस समय यह योजना बहुत प्रभावी रही, लेकिन बाद में कांग्रेस ने इसका नाम बदलकर मनरेगा कर दिया। अब भाजपा ने बीबी-जीरामजी कर दिया है।
अभय ने कहा कि योजना में 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य का रेशो है, जबकि हरियाणा सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के लिए बजट नहीं है। ऐसे में केंद्र सरकार 60-40 के रेशो खत्म कर देना चाहिए और केंद्र को ही 100 प्रतिशत पैसा गरीबों तक पहुंचाना चाहिए। इनेलो नेता ने कहा कि दोनों पार्टियों को ओच्छी राजनीति नहीं करनी चाहिए।
साथ ही अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि भाजपा अपराधियों को संरक्षण दे रही है और दीनदयाल के नाम पर लाइसेंस लेकर भाजपा नेता प्रदेश में अवैध कॉलोनियां काट रहे है। इसके लिए इनेलो ने एक समिति का गठन किया है, जो कि हर तहसील में जाकर अवैध कॉलोनियों की लिस्ट तैयार करेगी और भाजपा सरकार में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोलेगी।



