Yuva Haryana : मानसून के समय पानी से लबालब भरे रहने वाला हथिनीकुंड बैराज इन दिनों सूखने लगा है। इसके चलते हरियाणा सहित कई राज्यों में जल संकट गहरा रहा है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सीमा पर स्थिति हथिनीकुंड बैराज में जल स्तर घट रहा है और इससे कई राज्यों में सिंचाई प्रभावित हो रही है।
दरअसल, पहाड़ी क्षेत्र हिमाचल और उत्तराखंड की पहाड़ियों से निकलने वाली नदियों से हथिनीकुंड बैराज में पानी एकत्रित होता है। ऐसे में इन दिनों पहाड़ी एरिया में हो रही बर्फबारी के कारण हथिनीकुंड बैराज में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं आ रहा है, जिसके चलते लगातार बैराज में जलस्तर कम हो रहा है।
इसके चलते न केवल जल संकट की समस्या खड़ी हुई है बल्कि विद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई है, क्योंकि बिजली उत्पादन के लिए करीब 5400 क्यूसेक पानी की जरूरत होती है और इसके लिए भी फिलहाल पानी कम है।
जानकारों के अनुसार सर्दी के दिनों में हर बार हथिनीकुंड में जलस्तर घटता है और मार्च के बाद गर्मी का मौसम आते ही यहां जल स्तर बढ़ जाता है।
आपको बता दें कि हथिनीकुंड बैराज से हरियाणा, हिमाचल, यूपी, दिल्ली और राजस्थान में सिंचाई और पेयजल के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है। पांचों राज्यों के लिए हर वर्ष जल की अलग-अलग मात्रा निर्धारित की जाती है।
हालांकि, दिल्ली को फिलहाल समझौते के तहत पूरा ही पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं हरियाणा में पानी की कमी हो रही है।



