Yuva Haryana : हरियाणा में जननायक जनता पार्टी की जुलाना में हुई बड़ी रैली के बाद राजनीतिक पारा एक दम से हाई हो गया है। दरअसल, रैली के अगले ही दिन हरियाणा पुलिस विभाग द्वारा कई जेजेपी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली गई है।
आपको बता दें कि सात दिसंबर रविवार को जेजेपी ने अपने आठवें स्थापना दिवस के अवसर पर जींद के जुलाना में एक विशाल रैली की थी। इसके बाद पुलिस ने जेजेपी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला सहित चार नेताओं की सिक्योरिटी वापस ले ली है।
दिग्विजय चौटाला के अलावा पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के ससुर पूर्व एडीजीपी परमजीत सिंह अहलावत, गुरुग्राम से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके मशहूर गायक राहुल फाजिलपुरिया और सोहना विधानसभा से जेजेपी उम्मीदवार रहे विनेश गुर्जर से पुलिस द्वारा सिक्योरिटी वापस ले ली गई है।
इनमें कई नेता ऐसे हैं, जिन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने और उन पर हमले होने के बाद सिक्योरिटी उपलब्ध कराई गई थी।
थोड़े दिन पहले ही दिग्विजय चौटाला को जान से मारने की धमकियां मिलने पर सिक्योरिटी उपलब्ध कराई गई थी। वहीं राहुल फाजिलपुरिया पर भी पिछले दिनों फायरिंग हुई थी, जिसकी शिकायत दुष्यंत चौटाला ने पुलिस और प्रदेश सरकार से की थी।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार सिक्योरिटी वापस लेने का कारण हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के एक बयान को माना जा रहा है। दरअसल, दुष्यंत चौटाला ने जुलाना रैली में डीजीपी ओपी सिंह के बयान “थार-बुलेट बदमाश रखते है” पर करारा तंज कसा था।
रैली में दुष्यंत चौटाला थार पर सवार होकर भी पहुंचे थे और उन्होंने कहा था कि डीजीपी महोदय को थार-बुलेट पर बदमाश नजर आते है जबकि हर रोज प्रदेश में होने वाले मर्डर उन्हें दिखाई नहीं दे रहे।
इससे पहले दुष्यंत चौटाला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, बीजेपी सांसद सुभाष बराला और अपने स्वयं के बुलेट पर चलते हुए की फोटो सोशल मीडिया पर जारी करते हुए पूछा था कि इनके बारे में डीजीपी की क्या राय है ?
इस बीच, अब जेजेपी युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला का भी इस पर बयान सामने आया है। सिरसा में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब में दिग्विजय ने कहा कि सात दिसंबर को जुलाना में हुई जेजेपी की ऐतिहासिक रैली से भाजपा सरकार बौखला और घबरा गई है, तभी जेजेपी नेताओं की सुरक्षा वापस ले गई और इससे प्रतीत होता है कि प्रदेश के डीजीपी एक सामान्य सेवक की तरह नहीं बल्कि तानाशाह के तौर पर कार्य कर रहे हैं।
जेजेपी नेताओं की सिक्योरिटी वापस लेने के सवाल पर दिग्विजय चौटाला ने कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता नहीं है, सरकार आम जनता को सुरक्षा दें। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि उन्होंने पुलिस से सुरक्षा नहीं मांगी थी, बल्कि एक घटना के बाद खुद पुलिस ने ही सिक्योरिटी दी थी।
दिग्विजय ने आगे कहा कि रैली की भीड़ और दुष्यंत चौटाला के थार वाले बयान से बीजेपी और डीजीपी के पसीने छुट गए है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल उनके इशारों पर चलने वाले राजनेताओं को ही सुरक्षा देती है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर थार-बुलेट से डीजीपी को इतना ही एतराज तो इन गाड़ियों को हरियाणा में क्यों बिकने दिया जा रहा है ?
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि अपराध के मामले में हरियाणा के हालात बेहद खराब हो चुके है और निरंतर अपराध बढ़ रहा है इसलिए सरकार और पुलिस को इस दिशा में सुधार के लिए तुरंत ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक आंकड़े के मुताबिक महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध में देशभर में हरियाणा चौथे स्थान पर है। इसी तरह हर साल 1800 रेप केस, 1000 से ज्यादा मर्डर ओर चार हजार से ज्यादा अपहरण की घटनाएं दर्ज हुई है। ये दर्शाता है कि अफसरशाही पर सीएम का कंट्रोल नहीं है। बढ़ते अपराध के लिए सीएम नायब सैनी और डीजीपी ओपी सिंह पूरी तरह से जिम्मेदार है।



