Yuva Haryana : हरियाणा में एक बार फिर से बुढ़ापा पेंशन अटकने के मामले सामने आए है। हजारों पेंशन धारक अपनी बुढ़ापा पेंशन के इंतजार में बैठे है।
इस बीच ये बड़ी खबर सामने आ रही है कि राज्य सरकार पति और पत्नी की तीन लाख रुपए से ज्यादा सालाना आय होने पर बुढ़ापा, विधवा, दिव्यांग सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद करने जा रही है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार हरियाणा सरकार द्वारा फैमिली आईडी को आय का मुख्य आधार बनाकर पेंशन योजनाओं में कटौती की जा रही है।
हिसार जिले में पांच हजार से ज्यादा लोगों की सामाजिक पेंशन रोक दी गई है। पेंशन बंद होने से सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों पर पड़ा है।
ऐसे में पेंशन कटने के बाद प्रभावितों का कहना है कि फैमिली आईडी में दिखाई जा रही आय सही नहीं है और वे वास्तविक स्थिति से परे है।
बुजुर्गों का कहना है कि आय सत्यापन का कोई ठोस और पारदर्शी आधार नहीं है। कई किसानों की फसल भुगतान के बाद आय में बढ़ोतरी दिखाई गई है। उनका कहना है कि परिवारों में फसल की बिक्री तो होती है, लेकिन उसका अधिकतर खर्चा खेती पर ही लग जाता है और दिहाड़ी के बराबर ही किसानी की असली आमदनी होती है।
किसानों का आरोप है कि किसानों कि आमदनी कम होने के बावजूद भी सरकार द्वारा बिक्री के आधार पर आय ज्यादा दर्शा कर पेंशन काटी जा रही है।
ऐसे में प्रभावित लोगों की मांग की है कि फैमिली आईडी में दर्ज आय की निष्पक्ष और जमीनी स्तर पर दोबारा जांच की जाए ताकि जरूरतमंद योजना से बाहर न हो सके। जांच होने तक प्रभावित लाभार्थियों की पेंशन बहाल होनी चाहिए।
आपको ये भी बता दें कि हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन के करीब 22.30 लाख, विधवा पेंशन के 8.99, दिव्यांग पेंशन 2.14 हजार, लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता के करीब 45 हजार और 25 हजार अन्य योजनाओं के लाभार्थी है।
इन कारणों के चलते काटी जा रही पेंशन ?
- फसल बिक्री 1 लाख 80 हजार रुपए अधिक है तो कुल आय तीन लाख रुपए मानी जा रही
- सालाना बिजली बिल 24 हजार रुपए से ज्यादा होने पर आय बढ़ाकर दर्ज हो रही
- आईटीआर भरने से भी परिवार की आय ज्यादा मानी जा रही
- लाल डोरे के 400 गज से अधिक प्लॉट होने पर आय में बढ़ोतरी दिखाई जा रही
- लगातार छह महीने तक राशन न लेने पर भी फैमिली आईडी में आय बढ़ाई जा रही है



