Yuva Haryana : हरियाणा में बिजनेस करने वाले कारोबारियों के लिए बड़ी अच्छी खबर है। दरअसल, हरियाणा सरकार ने प्रदेश में रोजगार और निवेश को बढ़ाने के लिए उद्योगों से जुड़े नियमों में सुधार करने के लिए एक अभियान छेड़ रखा है।
इस विनियमन-मुक्ति अभियान को लेकर भाजपा सरकार ने दावा किया है कि कारोबार से जुड़े 9 प्रमुख सुधार लागू कर दिए गए है, जबकि 13 अन्य सुधारों लागू करने के लिए काम चल रहा है। सरकार का टारगेट है कि इस साल में कुल 23 सुधार करके प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए।
नए सुधारों के मुताबिक उद्योग लगाने की प्रक्रिया में कागजी कार्रवाई आसान की गई है। निवेशकों के लिए एक ही मंच बनाया गया है। वहीं महिलाओं को नाइट ड्यूटी की भी मंजूरी दे दी गई है।
नए सुधारों के बारे में जानिए
नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने मिश्रित उपयोग विकास की अनुमति देते हुए ज़ोनिंग को अधिक लचीला बनाया है। इससे एक ही जोन में आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी।
साथ ही, इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक से एकीकृत जीआईएस आधारित औद्योगिक भूमि डेटाबैंक भी शुरू किया गया है, जिससे निवेशकों को औद्योगिक प्लॉटों की पहचान और आवंटन में आसानी होगी।
सरकार ने भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) प्रक्रिया को सरल बनाते हुए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या 19 से घटाकर केवल तीन कर दी गई है। अब इसके लिए स्वामित्व प्रमाण, परियोजना रिपोर्ट और क्षतिपूर्ति बांड की ही आवश्यकता होगी। औसत स्वीकृति समय अब घटकर 36 दिन रह गया है। ग्रामीण उद्योगों के लिए न्यूनतम सड़क चौड़ाई को घटाकर 20 फुट करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
हरियाणा बिल्डिंग कोड में संशोधन के लिए सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया जारी है, जिसके अंतर्गत डेटा सेंटरों और आईटी पार्कों के लिए एफएआर बढ़ाने, सेटबैक कम करने और औद्योगिक परिसरों में औद्योगिक आवास बनाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है।
अब महिलाओं को फैक्टरियों और दुकानों समेत सभी क्षेत्रों में रात्रि पाली (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक) में कार्य करने की अनुमति दी गई है। फैक्ट्री बंद करने और छंटनी से संबंधित प्रक्रियाओं को भी सरल एवं तर्कसंगत बनाया गया है। इन सुधारों का मकसद उद्योगों के संचालन में सुगमता लाने के साथ-साथ श्रमिक कल्याण भी सुनिश्चित करना है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंसेंट टू एस्टेब्लिश (सीटीई) और कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की स्वीकृति अवधि को 30 दिनों से घटाकर 21 दिन कर दिया है। ग्रीन कैटेगरी उद्योगों के लिए सीटीओ की स्वचालित नवीनीकरण प्रणाली अब 15 वर्ष तक के लिए लागू की गई है।
इसके अलावा 734 गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को व्हाइट कैटेगरी में दोबारा वर्गीकृत करते हुए नियमित निरीक्षणों से छूट दी गई है।अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अब सेल्फ सर्टिफिकेशन और थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन प्रणाली लागू की गई है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि हुई है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने सभी प्रमुख सेवाओं को नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से एकीकृत कर दिया है। इससे निवेशकों को सभी अनुमतियां, लाइसेंस और प्रोत्साहन एक ही मंच पर प्राप्त हो सकेंगे। हरियाणा ने जन विश्वास अधिनियम के अनुरूप अपना स्वयं का ढांचा लागू किया है। इसके अंतर्गत छोटे व्यावसायिक अपराधों को अपराध की श्रेणी से निकालकर सिविल दंड व्यवस्था में शामिल किया गया है।
अनुमतियों और शिकायत निवारण के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चैटबॉट भी शुरू किए गए हैं, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व तेज हुई है। औद्योगिक एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की हाल ही की मूल्यांकन रिपोर्ट में अनुपालन और गति के मामले में हरियाणा को उच्च स्थान प्राप्त हुआ है।



