Yuva Haryana : हमारे देश में आए दिन अनेक आपराधिक घटनाएं होती है। कुछ मामलों में आरोप झूठे होते है और लोगों को जानबूझकर फंसाया जाता है। खासकर रेप जैसे संवेदनशील मामलों में कई बार देखा गया है कि बदले की भावना या लालच के चलते किसी निर्दोष व्यक्ति पर झूठा केस दर्ज करवा दिया जाता है।
रेप के मामलों से जुड़ा एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। एक प्रमुख अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार गुरुग्राम पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया जो यौन उत्पीड़न के झूठे मामले बनाकर पुरुषों को ब्लैकमेल करता था। ऐसे ही कई और मामलों में दुष्कर्म के प्रयास की कोशिश के झूठे मामले सामने आए हैं।
इन सबको देखते हुए हरियाणा पुलिस का कहना है कि 2023 में राज्य में दर्ज बलात्कार की 45.3 प्रतिशत प्राथमिकी और बलात्कार के प्रयास के 57.4 प्रतिशत मामले झूठे पाए गए। राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में इन्हीं बातों का खुलासा किया है।
हरियाणा से जुड़ी SCRB रिपोर्ट में क्या ?
- महिलाओं के खिलाफ अपराध के झूठे मामलों में हरियाणा देश में शीर्ष
- साल 2023 में पुलिस द्वारा निपटाए गए 1798 बलात्कार के मामलों में से 814 झूठे पाए गए
- रेप के प्रयास की 216 प्राथमिकियों में से 124 को फर्जी घोषित
आपको यह भी बता दें कि रेप के झूठे केसों के मामले में देशभर में हरियाणा सबसे आगे है।
अन्य राज्यों का भी हाल जानिए
- ऐसे झूठे मामलों में राजस्थान और जम्मू-कश्मीर का दूसरा स्थान
- राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में दर्ज मामलों में से 28.5 प्रतिशत झूठे मिले
- छत्तीसगढ़ – 20.7 प्रतिशत झूठे मामले
- हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश – 18.3 प्रतिशत झूठे मामले
- पंजाब – 15.9 प्रतिशत झूठे मामले
अब सवाल यह भी उठता है कि अगर कोई जानबूझकर किसी पर झूठा रेप केस लगाता है तो उसे क्या सजा मिल सकती है और देश में इसको लेकर क्या कानून है ?
- निर्दोष को फंसाने के जुर्म में भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज हो सकता है और इसमें कड़ी सजा का प्रावधान है
- धारा 73 के तहत झूठी सूचना देने या गलत आरोप लगाने के तहत केस दर्ज किया जा सकता है और इसमें एक से तीन साल तक की जेल और जुर्माना दोनों होने का कानून है
- बीएनएस धारा 316(2) के तहत आपराधिक षड्यंत्र का मामला बनते हुए केस दर्ज किया जा सकता है और इसमें दो साल तक की सजा और जुर्माना लगाने का प्रावधान है
- ऐसे मामलों में कोर्ट आरोपी द्वारा पीड़ित को मुआवजा भी दिला सकती है



