हरियाणा में नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अतिथि अध्यापकों का धरना बुधवार को सरकार से बातचीत पर सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया। अतिथि अध्यापकों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर अब चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ 11 सदस्यीय शिक्षक प्रतिनिधिमंडल की बैठक होगी।
करीब 12 हजार अतिथि अध्यापकों की नजर इस बैठक पर टिकी है। शिक्षक नेताओं के अनुसार, बैठक के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
23 जून से चल रहा था धरना
नियमितीकरण की मांग को लेकर अतिथि अध्यापक 23 जून से लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2005-06 में चयन प्रक्रिया के बाद करीब 12,700 गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति हुई थी। लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षक अब नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर भी किया था प्रदर्शन
नियमितीकरण की मांग को लेकर अतिथि अध्यापकों ने शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया था। सरकार के साथ बातचीत के बाद बुधवार को धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
सरकार ने जारी किए हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा नियम-2026
सरकार की ओर से मंगलवार को हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा नियम-2026 की अधिसूचना जारी की गई। इसमें अतिथि शिक्षकों से जुड़े सेवा प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। प्रावधानों में 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति, सेवा अवधि में चाइल्ड केयर लीव और पात्र पुरुष शिक्षकों के लिए 15 दिन के पितृत्व अवकाश सहित अन्य प्रावधान शामिल किए गए हैं।
शिक्षक बोले- नियमितीकरण की मांग बरकरार
अतिथि अध्यापक संगठन के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान के अनुसार, शिक्षकों की मांग नए सेवा नियमों के बजाय अदालत के फैसले के अनुसार नियमितीकरण की है।
उन्होंने बताया कि शिक्षक 28 मई 2014 से नियमित मानते हुए छह प्रतिशत ब्याज सहित बकाया राशि, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य लाभ देने की मांग भी कर रहे हैं।
अब बुधवार को होने वाली एसीएस के साथ बैठक में इन मांगों पर चर्चा होगी। बैठक के बाद अतिथि अध्यापक आगे की रणनीति तय करेंगे।

