Yuva Haryana: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्र सरकार द्वारा फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई हालिया बढ़ोतरी को किसानों के लिए अपर्याप्त बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
हुड्डा ने कहा कि सरकार की ओर से घोषित MSP वृद्धि महंगाई और खेती की बढ़ती लागत के मुकाबले बेहद कम है। उन्होंने इसे किसानों के लिए पर्याप्त राहत देने वाला कदम मानने से इनकार किया।
“ऊंट के मुंह में जीरा” जैसी बढ़ोतरी
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि फसलों के MSP में औसतन केवल 25 पैसे प्रति किलोग्राम के आसपास बढ़ोतरी की गई है, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि डीजल, पेट्रोल, गैस, खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयों और मजदूरी के खर्च में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
उनका कहना है कि ऐसे में MSP में मामूली बढ़ोतरी किसानों को वास्तविक राहत नहीं दे सकती।
कांग्रेस और भाजपा शासन की तुलना
हुड्डा ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसानों को अधिक लाभ देने के उद्देश्य से MSP में नियमित और अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि की जाती थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान फसलों के MSP में औसतन 14 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि होती थी, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में यह औसत बढ़ोतरी लगभग 5 प्रतिशत रह गई है।
बढ़ती लागत से किसान परेशान
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती-किसानी आज पहले की तुलना में अधिक महंगी हो चुकी है। कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले अधिकांश संसाधनों की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे किसानों का लाभ घट रहा है।
उन्होंने मांग की कि सरकार MSP तय करते समय किसानों की वास्तविक लागत, महंगाई दर और कृषि क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों को ध्यान में रखे ताकि किसानों की आय में वास्तविक सुधार हो सके।
MSP को लेकर जारी है राजनीतिक बहस
फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस तेज हो गई है। एक ओर सरकार इसे किसानों के हित में उठाया गया कदम बता रही है, वहीं विपक्ष का कहना है कि बढ़ती लागत के मुकाबले MSP में वृद्धि पर्याप्त नहीं है।

