Yuva Haryana : हरियाणा में बहुचर्चित आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस से जुड़ा एक मामला दोबारा चर्चा में आया है। हम बात कर रहे है रोहतक जिला पुलिस की साइबर सेल में तैनात रहे एएसआई संदीप लाठर की खुदकुशी मामले की।
दरअसल, जींद के जुलाना की खापों ने रोहतक में एक पंचायत की है। रविवार को हुई इस पंचायत ने मामले में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया है। इनका मानना है कि प्रदेश सरकार ने परिवार से किया कोई भी वादा अब तक पूरा नहीं किया है।
पंचायत ने इस मामले की सुनवाई और समाधान के लिए 11 सदस्यों की कमेटी गठित की है, जो कि जल्द ही हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात करेगी।
पंचायत की मुख्य मांगे क्या ?
- एएसआई संदीप कुमार को शहीद का दर्जा मिले
- बच्चों के पालन पोषण के लिए आर्थिक मदद दी जाए
- संदीप की पत्नी को क्लास-1 की सरकारी नौकरी मिले
- एफआईआर में नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो
पंचायत में शामिल हुए सदस्यों का कहना है कि डीजीपी ने पत्र जारी करके सभी पुलिसकर्मियों की एक दिन की सैलरी देने की बात कही थी, लेकिन अभी तक यह राशि नहीं मिली है।
आपको बता दें कि सात अक्टूबर को चंडीगढ़ में हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अफसर पूरन कुमार ने अपने घर में खुद को गोली मार सुसाइड कर ली थी। देश में जब यह मामला पूरा गरमाया हुआ था तो 14 अक्टूबर को लाढ़ौत गांव के खेतों में एएसआई संदीप लाठर ने भी खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी।
सुसाइड से पहले संदीप लाठर ने एक वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर वायरल की थी, जिसमें आईपीएस पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। इसके बाद संदीप के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पूरन कुमार की पत्नी, साले और गनमैन सुशील सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया गया है। लेकिन, अभी तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के चलते पीड़ित परिजनों में आक्रोश का माहौल है।



