हरियाणा में कुत्ते के काटने पर सरकार देगी मुआवजा, 5 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद, जानें नियम और शर्तें

Yuva Haryana : हरियाणा में आवारा कुत्तों के काटने या आवारा पशुओं के हमले पर सरकार ने मुआवजा देने की योजना चला रखी है। आवारा पशुओं के हमले से मौत या फिर दिव्यांगता होने पर पांच लाख रुपए तक की आर्थिक मदद सरकार देगी।
कुत्तों द्वारा काटे जाने पर न्यूनतम 10 हजार रुपए और त्वचा कटने पर 20 हजार रुपए मुआवजा देने की योजना है।
इस दिशा में राज्य सरकार ने पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए सभी जिलों में उपायुक्तों की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया है। इसमें पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, जिला परिवहन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और योजना एवं जिला सांख्यिकी अधिकारी शामिल है।
दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना-2 के तहत एक लाख 80 हजार रुपए की सालाना आय वाले परिवारों का कोई सदस्य कुत्तों, आवारा गाय, भैंस, सांड, बैल, नीलगाय या गधे के हमले में मारा जाता है या दिव्यांग हो जाता है तो सरकार की ओर से पांच रुपए की आर्थिक मदद की जाएगी।
इसमें आयु के हिसाब से भी मुआवजा दिया जाता है। छह से 12 साल के लिए एक लाख रुपए, 12 से 18 साल के लिए दो लाख, 18 से 25 और 45 से 60 साल के लिए तीन लाख और 25 से 45 साल के लिए पांच लाख रुपए मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है।
इसके लिए पीड़ित परिवार को हादसे के तीन महीने के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस योजना के तहत अब तक 10 हजार से अधिक परिवारों को कुल 1500 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की जा चुकी है।
एक जानकारी के अनुसार प्रदेश में चार लाख से अधिक आवारा कुत्ते है। हर महीने औसतन 10 लोगों की मौत गलियों-सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं के कारण होती है। वहीं रोजाना औसतन 100 मामले कुत्तों के काटने के सामने आ रहे है।
हालांकि, राज्य सरकार प्रदेश में आवारा पशुओं पर अंकुश लगाने के लिए आश्रय स्थल बनाने की योजना पर काम कर ही है।
First published on: January 15, 2026 03:30 PM