Yuva Haryana : देश में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार द्वारा पेश होने वाले बजट की तैयारी जोरों पर चल रही है। एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार नौवां बजट संसद में पेश करेंगी, जो कि मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट होगा।
इस बीच, नई दिल्ली में हलचल तेज हो चुकी है। बजट पेश करने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बड़ी बैठक की है। ऐसे में हरियाणा की ओर से केंद्र के समक्ष क्या-क्या डिमांड रखी गई है। आपको बताते है…
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बजट पूर्व बैठक में भाग लेकर केंद्रीय बजट में हरियाणा से जुड़ी अनेक प्रमुख मांगें रखी है।
सीएम ने सेम से प्रभावित 6 लाख एकड़ भूमि के लिए वित्तीय सहायता, हर जिले में मेडिकल कॉलेज, कृषि आधुनिकीकरण, एनसीआर को लॉजिस्टिक्स हब बनाने, एमएसएमई-स्टार्टअप्स को बढ़ावा और ग्रामीण विकास कोष बढ़ाने की मांग रखी।
सीएम ने कहा कि प्रदेश के 44 लाख से ज्यादा लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान कर रहे है, ऐसे में इसके लिए भी केंद्र द्वारा आर्थिक सहायता बढ़ाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा एनसीआर क्षेत्र लॉजिस्टिक्स हब के रूप विकसित करने के लिए केंद्रीय पूंजी निवेश की जरूरत है। हरियाणा सरकार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए दो हजार करोड़ रुपए का फंड ऑफ फंड्स स्थापित करने जा रहा है। 10 नए आईएमटी भी विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास के कोष को बढ़ाने की मांग भी केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई है। आरआईडीएफ के तहत सामान्य आवंटन को वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो हजार करोड़ रुपए किया जाएगा।
यूआईडीएफ के तहत अधिकतम परियोजना आकार पर 100 करोड़ की सीमा को बढ़ाकर 500 करोड़ रुपए किया जाएगा। साथ ही सहायता के उपयोग की शर्तों में उचित छूट देने की मांग केंद्र से की गई है।



