Yuva Haryana : हरियाणा में 1 नवंबर से प्रदेशभर में लागू हुई पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर राज्य सरकार जोर दे रही है। इन दिशा में नए-नए सुधार किए जा रहे है।
ताजा अपडेट यह है कि हरियाणा सरकार पेपरलेस रजिस्ट्री में राहत देते हुए अब पंजीकरण कराने के काम को आसान करने में लगी हुई है। साथ ही सरकार हेल्प डेस्क बनाने, हेल्पलाइन नंबर जारी करने और एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने जा रही है।
दरअसल, अभी तक पांच दिनों में दस्तावेजों का पंजीकरण होता है, लेकिन 30 नवंबर के बाद से 72 घंटों के अंदर ही अपने आप दस्तावेज सेव होंगे।
कागज रहित पंजीकरण से संबंधित तकनीकी या प्रक्रियात्मक समस्याओं का सामना कर रहे नागरिकों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए एक राज्य स्तरीय हेल्पलाइन नंबर जल्द संचालित किया जाएगा।
आपको बता दें कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने पेपरलेस पंजीकरण प्रणाली की प्रगति और क्षेत्र स्तरीय कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए वीसी के जरिए सभी उपायुक्तों के साथ बैठक की है।
बैठक से सामने आई जानकारी के मुताबिक 1 नवंबर से 12 नवंबर के बीच राज्य भर में कुल 5,334 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 2,110 विलेख स्वीकृत किए गए। 915 आवेदन प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया में थे और 611 उप-पंजीयकों की तरफ से स्वीकृत किए गए।
वहीं 626 दस्तावेजों या तकनीकी त्रुटियों के कारण अस्वीकृत कर दिए गए। इनके अलावा 308 भुगतान ऑनलाइन संसाधित किए गए। 387 पंजीकरण नागरिकों द्वारा रद्द किए गए और 377 मामले विविध श्रेणियों में आए।
विभाग के अनुसार आवेदनों के अनुमोदन में तेजी लाने और तेज सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए आवेदनों पर मौजूदा पांच दिन का रिवर्ट समय जल्द ही कम कर दिया जाएगा। डेटा को आकस्मिक नुकसान से बचाने के लिए सभी भरे हुए दस्तावेज अब डिलीट होने से पहले 72 घंटों के लिए स्वचालित रूप से सेव हो जाएंगे जबकि पंजीकरण शुल्क पूरी प्रक्रिया के दौरान लागू रहेगा।
साथ ही सभी उपायुक्तों द्वारा उठाई गई सभी समस्याओं का तकनीकी टीम द्वारा तत्काल समाधान किया जा रहा है। प्रत्येक तहसील में समर्पित हेल्प डेस्क स्थापित करने और एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने के भी निर्देश दिए गए है।



