Yuva Haryana : हरियाणा में भ्रष्टाचार के मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक द्वारा प्रदेशभर में “ऑपरेशन पीछा करो” जारी है।
इस अभियान के तहत एसीबी की रडार पर अनेक घूसखोर है और लगातार फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ जारी है।
शनिवार को करनाल, गुरुग्राम और पंचकूला रेंज की टीमों ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया और गंभीर मामलों में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की गई है।
करनाल रेंज में एलटीसी जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में फरार आरोपी जिला जींद में डाटा एंट्री ऑपरेटर सुनील कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी को गुरुग्राम रेंज में भी बड़ी सफलता मिली। यहां खनन विभाग नारनौल से जुड़े फर्जीवाड़े में फरार आरोपी डाटा एंट्री ऑपरेटर अजीत को गिरफ्तार किया गया है। इस पर अवैध खनन मामलों में फर्जी इनवॉयस अपलोड कर सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाने का आरोप है। यह आपोरी साल 2024 से ही फरार चल रहा था।
वहीं छात्रवृत्ति घोटाले में एक प्राचार्या को भी गिरफ्तार किया गया है। महेंद्रगढ़ के अटेली में रोहताश डिग्री कॉलेज की प्राचार्या वीना यादव को गिरफ्तार किया गया। इस पर वर्ष 2017–18 में छात्रवृत्ति योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से लगभग 1.97 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। मामला थाना सेक्टर-5 पंचकूला में दर्ज है।
एसीबी ने सीआईए स्टाफ यमुनानगर के एएसआई उमेश कुमार और सिपाही धर्मवीर सिंह के विरुद्ध अभियोग दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार दोनों ने एनडीपीएस मामले में झूठा फंसाने की धमकी देकर क्रमश: 50,000 और 20,000 रुपये रिश्वत मांगी थी।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि “ऑपरेशन पीछा करो” के तहत फरार एवं भ्रष्ट तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।



