Yuva Haryana : हरियाणा में सीएसआईआर-यूजीसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) का पेपर पास करवाने के नाम एक बड़ी ठगी का पर्दाफाश हुआ है। यह मामला सोनीपत जिले का है।
गोहाना के गांव चिड़ाना के पास एक कबड्डी एकेडमी में नेट के पेपर लीक का दावा कर 37 विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र पढ़ावाया जा रहा था।
रोहतक सीएम फ्लाइंग और गोहाना पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन आरोपी फरार है। इस मामले में पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया है। पकड़े गए आरोपी रोहतक के रहने वाले है। इनमें से एक दिल्ली सरकार और एक सेना का कर्मचारी बताया जा रहा है। वहीं मास्टरमाइंड अभी भी फरार चल रहा है।
बड़ी बात ये है कि नेट परीक्षा पास कराने के लिए एक अभ्यर्थी से तीन से पांच लाख रुपए तक की सौदेबाजी चल रही थी। पुलिस ने दावा किया है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पेपर लीक का नहीं, बल्कि नकली प्रश्नपत्रों के सहारे ठगी का प्रयास किया गया है।
पुलिस की जानकारी के अनुसार 17 दिसंबर को पानीपत के इसराना क्षेत्र में एनसी कॉलेज के पास इन 37 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इसके बाद उन्हें एक टैंपो ट्रैवलर में बैठाकर गांव चिड़ाना स्थित एक कबड्डी अकादमी में लाया गया। इनमें 28 ल़ड़के और 9 लड़कियां शामिल थी।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह ने अभ्यर्थियों को 18 दिसंबर को होने वाली सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा का प्रश्न पत्र पहले ही उपलब्ध कराने का दावा किया था और उसी के आधार पर उन्हें यहां अभ्यास कराया जा रहा था। यहां फर्जी प्रश्नपत्रों के आधार पर अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे।
इस दौरान रोहतक सीएम फ्लाइंग टीम और गोहाना पुलिस ने यहां मौके पर छापेमारी की। पुलिस ने फर्जी प्रश्नपत्रों के साथ एक लैपटॉप, प्रिंटर और मोबाइल भी बरामद किए। पुलिस ने मौके से रोहतक के गांव करौथा निवासी नीरज और सचिन को गिरफ्तार किया।
करीब पांच दिन बाद यह मामला उजागर हुआ है। फिलहाल मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का भी गठन कर दिया है। अब एसआईटी से इस गिरोह से पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच पड़ताल कर रही है।



