Yuva Haryana : हरियाणा में एमबीबीएस परीक्षा घोटाले में बड़ी कार्रवाई की गई है। दरअसल, रोहतक के पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के 23 एमबीबीएस छात्रों को निष्कासित कर दिया है।
सभी छात्रों को निष्कासित करने से पहले कारण बताओ नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उनकी तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं आने पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
इस मामले में पहले ही सात कर्मचारियों को बर्खास्त और छह को निलंबित किया जा चुका है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी ने घोटाले की जांच के बाद यह कार्रवाई की। निष्कासित सभी छात्र न तो अब एमबीबीएस कोर्स पूरा कर पाएंगे और न ही इन्हें संबंधित यूनिवर्सिटी और कॉलेज में दोबारा प्रवेश दिया जाएगा।
आपको बता दें कि इस मामले में यूनिवर्सिटी ने पिछले साल 41 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी, जिसमें 24 छात्र और 17 कर्मचारी शामिल थे।
इस मामले में पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारियां भी कर ली है। इतना ही नहीं करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट भी पुलिस द्वारा दाखिल की गई है।
मामला रोहतक की स्थानीय कोर्ट में विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय की सीक्रेसी ब्रांच से उत्तर पुस्तिकाएं बाहर भेजी जाती थी।
इन कॉपियों को बाहर दोबारा लिखाया जाता था या उनमें छेड़छाड़ कर उन्हें वापस जमा कर दिया जाता था ताकि छात्र पास हो सके। इसके लिए प्रत्येक विषय के लिए तीन से पांच लाख रुपए तक की वसूली की जाती थी।
इस घोटाले की पोल उस समय खुली जब सभी 24 संदिग्ध छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं और उनकी लिखावट के नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। जांच में सामने आया कि अनेक उत्तर पुस्तिकाओं के सीरियल नंबर आधिकारिक रिकॉर्ड से नहीं मिलते है।
पुस्तिकाओं की लिखावट और परीक्षार्थियों की असली लिखावट में भारी अंतर देखने को मिला। इतना ही नहीं कई कॉपियों पर पहले लिखे गए उत्तरों को मिटाकर दोबारा लिखने के भी सबूत मिले।



