Yuva Haryana : देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण चरम पर है। इस कारण दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-4 का प्रतिबंध शनिवार को लागू कर दिया गया है। ऐसे में हरियाणा के 14 जिलों में ग्रैप-4 की पाबंदियां जारी है।
दिल्ली से सटे हरियाणा के अनेक शहरों की हवा दमघोंटू हो गई है। देशभर में बहादुरगढ़ दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 464 पहुंच गया है, जो कि बेहद गंभीर स्थिति मानी जाती है। इनके अलावा धारूहेड़ा, पानीपत, मानेसर, बल्लभगढ़ का भी बुरा हाल है।
इस बीच बढ़ते प्रदूषण पर हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने चिंता जाहिर करते हुए भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि हर बार सरकार प्रदूषण का सारा दोष किसानों के माथे पर मढ़ देती है, जबकि खुद प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई ठोस समाधान पर कार्य नहीं करती है।
उन्होंने कहा कि इस बार हरियाणा में पराली जली ही नहीं तो फिर इतना प्रदूषण कैसे फैला? इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के लिए सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है, क्योंकि केवल कागजों में ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियम बनाए और लागू किए जाते है, जबकि धरातल उन्हें लागू करने में सरकार फेल साबित हो रही है।
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज देशभर में हरियाणा के गुरुग्राम, मानेसर, सोनीपत, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा, रोहतक जैसे अनेक शहर टॉप प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल है, जहां लोगों का सांस लेना दूभर हो चुका है। यहां तक कि दिल्ली एनसीआर में ग्रैप-4 लागू कर दिया गया है, जबकि धरातल पर अधिकारी इन नियमों को लागू करने में पूरी तरह नाकाम है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि दिवाली के बाद से ही वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार हवा का स्तर निरंतर बेहद खराब श्रेणी में है, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी सरकार प्रदूषण पर लगाम लगाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि एनसीआर में हरियाणा के लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है और दमघोंटू प्रदूषित वातावरण में जीने को मजबूर है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वे प्रदूषण के कारणों का पता लगाकर इसका तुरंत निवारण करें, न कि किसानों पर दोष लगाकर अपना पला झाडे। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदूषण के मुल कारणों का पता लगाकर इनका निदान पर ध्यान देना चाहिए।
दुष्यंत चौटाला ने ये भी कहा कि सरकार तुरंत इस गंभीर मामले को संज्ञान में लें, अन्यथा जेजेपी प्रदेश के लोगों के साथ मिलकर सरकार को कोई ठोस कदम उठाने के लिए मजबूर कर देगी।



