Yuva Haryana : हरियाणा में दो खिलाड़ियों की मौत के बाद लगातार खेल विभाग की लापरवाही के मामले उजागर हो रहे है। अनेक जिलों में खेल अधिकारी नहीं है, अनेक खेल परिसरों में व्यवस्था बेहद खराब हालात पड़ी है, जबकि काम कागजों में लटका हुआ है।
एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक हालात इतने खाराब है कि साल 2019 के बाद हरियाणा में खेल स्टेडियमों के लिए कोई नया उपकरण नहीं खरीदा गया है, ऐसे में खिलाड़ी पुराने उपकरणों से ही ओलंपिक में मेडल लाने की तैयारियों में जुटे हुए है।
हरियाणा में साल 2019 में 30 करोड़ रुपए की लागत से खेल उपकरण खरीदे गए थे और इसके बाद पिछले छह सालों में खेल विभाग ने कभी भी नए खेल उपकरण खरीदने का कष्ट नहीं किया। इसके चलते ही खेल स्टेडियमों में पुराने उपकरण जर्जर हालात में आ चुके है और खिलाड़ी हादसों के शिकार हो रहे है।
हालांकि, इस बीच खिलाडियों द्वारा नए उपकरण दिलाने की डिमांड जरूर होती रही, लेकिन खेल विभाग नींद में ही सोता रहा।
एक बड़ी बात ये भी है कि खेल उपकरणों के लिए सरकार ने 30 करोड़ रूपए का बजट भी निर्धारित किया था और मुख्यमंत्री नायब सैनी इसे मंजूरी भी दे चुके है।
जानकारी के अनुसार कबड्डी, कुश्ती, वालीबॉल, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, टेबल टेनिस, क्रिकेट जैसे 25 खेलों के नए उपकरणों की फाइल मंजूरी के लिए लंबे समय से मंत्री के कार्यालय में ही रखी हुई है। ऐसे में अब खेल मंत्री गौरव गौतम सफाई दे रहे है कि जल्द ही खेल उपकरण खरीदे जाएंगे।
रोहतक हादसे के बाद पंचकूला में खेल मंत्री द्वारा बुलाई गई हाई लेवल बैठक में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय रहा। अनेक जिलों के खेल अधिकारियों का कहना था कि जिलों में खेल उपकरण ही नहीं है इसलिए जल्दी खेल उपकरणों की खरीद की जाए।
कैग की रिपोर्ट के अनुसार भी 2016 से 2022 तक खेल का 40 प्रतिशत ही बजट हरियाणा में इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा स्टेडियम और खेल नर्सरी के रखरखाव के लिए अलग से कोई योजना बजट में नहीं है।
कैग की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पिछले 13 सालों में हरियाणा के 93 प्रतिशत खेल परिसरों में कोई स्थाई कोच नियुक्त नहीं हुआ है।
वहीं दूसरी ओर हरियाणा में हर साल खेल को अच्छा खासा बजट मिलता है, लेकिन इस बड़े बजट को धरातल पर उतारने में बड़ी विफलता सामने आई है।
साल 2021-22 में लगभग 394 करोड़ रुपए, 2022-23 में करीब 540 करोड़ रुपए, 2024-25 में करीब 578 करोड़ रुपए और 2025-26 में तो करीब 1962 करोड़ रुपए का बजट खेल के लिए आवंटित किया गया।



