Yuva Haryana : हरियाणा में हाल ही में आतंकवाद से जुड़ी ऐसी कई घटनाएं सामने आई है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या हरियाणा में दहशत फैलाने की कोशिश हो रही है ? फरीदाबाद में विस्फोटक मिलने के बाद सिरसा में एक थाने पर ग्रेनेड से अटैक हुआ है।
अब हरियाणा पुलिस ने एक बार फिर आतंकी वारदात जैसे एक बड़ी साजिश को नाकाम किया है। दरअसल, करनाल एसटीएफ की सतर्कता से एक बड़े विस्फोट की साजिश टल गई।
बुधवार को इंद्री के पास गिरफ्तार किए गए कुख्यात बदमाश अमर सिंह ने कबूल किया है कि उसने दो किलो आरडीएक्स से बना घातक आईईडी (इंप्रोवाइस एक्सप्लोसिव डिवाइस) यानी बम, दो हैंड ग्रेनेड और टाइमर लेकर करनाल आया था। उसने इस विस्फोटक सामग्री को कर्ण झील के पास झंझाड़ी के जंगल में कट्टों में पैक करके जमीन में दबाकर छिपा रखी थी।
इसके बाद तुरंत फोरेंसिक, बम निरोधक दस्ता और एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची और सभी विस्फोटकों को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज किया गया।
आपको बता दें कि अमर सिंह पर हत्या, डकैती समेत 10 संगीन मामले दर्ज हैं और वह लॉरेंस, नोनी राणा और काला राणा गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। एसटीएफ का कहना है कि जिस तरह की सामग्री मिली है, उससे किसी बड़ी घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
एसटीएफ के अनुसार अमर सिंह को 25 नवंबर को इंद्री रोड से गिरफ्तार किया गया था। वह गुजरात नंबर की एंडेवर कार से जा रहा था। उसके पास से विदेशी पिस्टल मिली।
जानकारी यह भी सामने आई है कि वह इस विस्फोटक सामग्री को 25 दिन पहले पंजाब से लाया था। एक महीने पहले चैटिंग एप पर नोनी राणा ने विस्फोटक सामग्री लाने के लिए उसे कहा था और इसका इस्तेमाल बड़े विस्फोट के लिए किया जाना था। उसने कुछ दिन विस्फोटक सामग्री को अपने घर पर भी रखा।
ऐसे में शक की सुई एक बार फिर पाकिस्तान पर ही जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्रोन के जरिए विस्फोटक पदार्थ भारत भेजे जा रहे हैं और इसके लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब के गैंगस्टर्स का सहारा ले रही है।
प्रारंभिक जांच पड़ताल के आधार पर यह लग रहा है कि विस्फोटक सामग्री पाकिस्तान से पंजाब भेजी गई और उसके बाद पंजाब से करनाल लाई गई।
उधर, सिरसा में महिला थाने पर मंगलवार रात हुए विस्फोटक हमले में पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। इसको लेकर भी पुलिस का कहना है कि इसे आतंकी घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि शुरुआती जांच में आरोपियों के विदेशी लिंक और आतंकी संगठन से संबंध के संकेत मिल है। हमले के लिए आरोपियों को नकद व ऑनलाइन रकम व ट्रेनिंग भी मिली थी।



