Yuva Haryana: विदेशों में बैठकर और जेल की सलाखों के पीछे से गैंग चलाने वाले अपराधियों के खिलाफ हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। संगठित अपराध के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए STF ने एक तीन-स्तरीय (3-Pronged) रणनीति तैयार की है।
इस विशेष रणनीति के तहत विदेश से अपराध की साजिश रचने वाले गैंगस्टरों, उनके स्थानीय मददगारों (इंटरमीडिएटरीज़) और युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेलने वाले गिरोहों को निशाना बनाया जाएगा।
3 मुख्य मोर्चों पर काम करेगी STF
हरियाणा STF के महानिरीक्षक (IG) सिमरदीप सिंह के अनुसार, टास्क फोर्स राज्य में सक्रिय संगठित अपराध सिंडिकेट को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पुलिस मुख्य रूप से तीन स्तरों पर कार्रवाई कर रही है:
विदेश में बैठे गैंगस्टर: विदेश से हरियाणा में अपने गिरोहों का संचालन करने वाले मुख्य सरगना।
स्थानीय नेटवर्क और बिचौलिए: धरातल पर अपराधियों को मदद पहुंचाने वाले और गतिविधियों को सुगम बनाने वाले लोकल सहयोगी।
भर्ती नेटवर्क (Recruitment Channels): जेलों के जरिए या अन्य माध्यमों से नए युवाओं को अपराध की दुनिया में भड़काने वाले माध्यम।
छोटे अपराधों में बंद कैदियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
IG सिमरदीप सिंह ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को बताया कि STF केवल विदेशों में बैठे गैंगस्टरों पर ही नहीं, बल्कि राज्य की जेलों में बंद अपराधियों और उनके संपर्क में आए लोगों के रिकॉर्ड पर भी नजर रख रही है।
“हम विशेष रूप से उन लोगों की पृष्ठभूमि की जांच कर रहे हैं जो छोटे-मोटे (petty) अपराधों में गिरफ्तार होकर कुछ महीनों के लिए जेल में रहे और वहां बड़े या नामी गैंगस्टरों के संपर्क में आए।”— सिमरदीप सिंह, IG (STF)
पुलिस का मानना है कि छोटे अपराधों में जेल जाने वाले युवाओं को स्थापित गैंगस्टर अपने गैंग में शामिल कर लेते हैं। इस भर्ती नेटवर्क को तोड़कर युवाओं को अपराध के दलदल में फंसने से रोकना पुलिस का मुख्य उद्देश्य है।
राष्ट्रीय एजेंसियों की ली जा रही मदद
विदेशी धरती से भारत में अपराध की कमान संभालने वाले गैंगस्टरों को ट्रैक करने के लिए हरियाणा STF केंद्रीय/राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ले रही है।
साथ ही, जेल प्रशासन के साथ मिलकर इस बात की गहन जांच की जा रही है कि जेल में बंद अपराधी बाहर अपने गुर्गों से संपर्क कैसे साध पाते हैं। कड़ियों और बिचौलियों को पहचानकर एसटीएफ गैंगस्टरों के स्थानीय सपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह कमजोर करने में जुटी है।

