Yuva Haryana: हरियाणा में गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनियों को बिजली वितरण का समानांतर (पैरेलल) लाइसेंस देने के विरोध में प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। बुधवार रात 10 बजे से शुरू हुई यह तीन दिवसीय हड़ताल 24 अक्टूबर तक जारी रहेगी।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली कर्मचारी यूनियनों को बुधवार को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन कर्मचारियों ने वार्ता से स्पष्ट इनकार करते हुए काम ठप कर दिया।
बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार का ‘प्लान-बी‘
हड़ताल के कारण राज्य में बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है:
पटवारी और छात्रों की ड्यूटी: बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए पटवारियों, ग्राम सचिवों, तकनीकी स्टाफ और आईटीआई-पॉलीटेक्निक के छात्रों की ड्यूटी लगाई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था: राज्य के 1015 संवेदनशील स्थानों पर 6230 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील उपक्रमों और सब-स्टेशनों की निगरानी ड्रोन से की जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान: अस्पतालों में निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए जनरेटर की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अन्य राज्यों की मदद: आवश्यकता पड़ने पर रिटायर्ड कर्मचारियों व पड़ोसी राज्यों के तकनीकी कर्मचारियों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री का रुख
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अपील: मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने और जनहित को ध्यान में रखते हुए काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को निर्देश दिए हैं कि आम जनता को कोई परेशानी न हो। सरकार हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के फैसले के खिलाफ ‘विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण’ (APTEL) में अपील दाखिल करेगी।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज का बयान: ऊर्जा मंत्री ने बताया कि नियामक आयोग के फैसले के खिलाफ अपील के लिए 45 दिनों का समय है, लेकिन विभाग को 5-6 दिनों के भीतर अपील दाखिल करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सरकार जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेगी, इसलिए कर्मचारियों को हड़ताल के बजाय बातचीत का रास्ता चुनना चाहिए।
त्यौहारी सीजन में गहरा सकता है संकट
बिजली कर्मचारी यूनियनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान यदि कहीं भी कोई तकनीकी फॉल्ट आता है, तो वे उसे ठीक नहीं करेंगे। त्यौहारी सीजन के दौरान कर्मचारियों के इस कड़े रुख से आम जनता के लिए परेशानियां बढ़ सकती हैं।\
रात से ही कई इलाकों में बिजली गुल होने की खबरें आने लगी हैं। हिसार में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) मुख्यालय के बाहर अंधेरा छाया रहा, वहीं कई सेक्टरों में देर रात से ठप पड़ी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई।

