Yuva Haryana: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) की मर्सी चांस परीक्षाओं को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। छात्र संगठन एनएसओ (NSO) ने आरोप लगाया है कि परीक्षा से ठीक पहले कथित तौर पर 20 से 25 हजार रुपये लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस संबंध में व्हाट्सएप चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने का दावा किया गया है, जिसने विश्वविद्यालय के परीक्षा प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।
व्हाट्सएप चैट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
सामने आई कथित चैट के अनुसार, छात्रों को मदद के नाम पर व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ने और हल किया हुआ पेपर (सॉल्यूशन) उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
भुगतान और खाली उत्तर पुस्तिका की हिदायत: चैट में स्पष्ट लिखा गया है कि यदि पूरा समाधान चाहिए, तो इसके लिए पैसे देने होंगे। इसके साथ ही परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका में कुछ भी न लिखकर खाली छोड़ने की हिदायत दिए जाने का भी दावा किया गया है।
रोल नंबर और सेंटर की मांग: कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में छात्र से रोल नंबर और परीक्षा केंद्र के कमरे (कमरा नंबर) की जानकारी मांगी जा रही है।
फ्लाइंग स्क्वाड से लेकर सुपरवाइजर तक पर आरोप
एनएसओ के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर रोहिल्ला ने आरोप लगाया कि लीक ऑडियो में परीक्षा से जुड़े विभिन्न स्तरों के कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आ रही है। इसमें फ्लाइंग स्क्वाड, परीक्षा नियंत्रक विभाग के कर्मचारी और परीक्षा केंद्र के सुपरवाइजर तक के नाम आने का दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
हजारों छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट
विश्वविद्यालय में 5 दिसंबर से मर्सी चांस परीक्षाएं शुरू हुई हैं, जो पुरानी लंबित री-अपीयर वाले विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पूरी करने का अंतिम अवसर देती हैं। ऐसे में पर्चा लीक और धांधली के इन आरोपों से उन हजारों विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, जो नियमों के तहत ईमानदारी से परीक्षा दे रहे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का रुख: आरोप निराधार, शिकायत पर होगी कार्रवाई
MDU के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राहुल ऋषि ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निराधार बताया है।
“विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं संचालित कर रहा है। फिलहाल पेपर लीक या फर्जीवाड़े से संबंधित कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि कोई साक्ष्य या शिकायत सामने आती है, तो मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर संबंधित परीक्षा केंद्र को रद्द करने सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
— डॉ. राहुल ऋषि, परीक्षा नियंत्रक (MDU)

