Yuva Haryana : हरियाणा में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी ठगी सामने आई है। करीब 250 करोड़ रुपए की इस ठगी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा के कई जिलों में दबिश दी है।
थोड़े दिन पहले 24 दिसंबर को ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस द्वारा अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और चंडीगढ़ में 9 रिहायशी ठिकानों पर छापेमारी की गई।
इस दौरान ईडी ने कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए गए। वहीं आठ बैंक अकाउंट फ्रीज भी किए गए, जिनमें करीब 22.38 लाख की संदिग्ध रकम पाई गई।
इनके अलावा ईडी ने मौके से चार लाख कैश भी बरामद किए और जांच में करीब तीन करोड़ की अचल संपत्तियां भी सामने आई है।
आपको बता दें कि ईडी ने यह जांच हरियाणा पुलिस की एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस मामले में साल 2022 में अंबाला पुलिस की ओर विकास कालरा, तरुण तनेजा, कपिल कुमार और पवन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
ईडी की जांच के बाद पता चला है कि इन आरोपियों ने मिलीभगत कर अनेक लोगों को क्रिप्टो वर्ल्ड ट्रेडिंग कंपनी में निवेश का लालच दिया और करीब 250 करोड़ रुपए की ठगी की।
ईडी के अनुसार इन आरोपियों ने क्रिप्टो वर्ल्ड ट्रेडिंग कंपनी के नाम से फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार कर रखा था और उसी के माध्यम से लोगों को अपनी ठगी के जाल में फंसाया।
ईडी के मुताबिक आरोपियों ने निवेशकों से पैसा लेकर उसे बाइनेंस पर बनाए गए क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर कराया गया। बाद में ये पैसा आरोपियों के पर्सनल बैंक अकाउंट, उनके परिवार और करीबियों के खातों में घुमाया गया।
आरोपियों ने अपने फर्जी प्लेटफॉर्म का घर-घर और बाजारों में जाकर प्रमोशन भी किया। आठ हजार रुपए की एक आईडी बनाई जाती थी। आठ हजार के निवेश पर रोजाना एप पर 2 डॉलर क्रेडिट होते थे।
एक माह में 3200 रूपए की वापसी का वादा लोगों से किया गया था। वहीं 40 हजार रुपए लगाने पर पांच माह में 96 हजार रुपए देने का वादा भी किया गया था। हालांकि, शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए पैसे भी दिए गए।
लेकिन, जैसे ही यह नेटवर्क बड़ा हुआ तो आरोपी करोड़ों रुपए ठग कर छूमंतर हो गए और कंपनी कार्यालय पर ताला लटका मिला। इसके बाद ठगी के शिकार हुए लोगों ने न्याय के लिए न केवल आरोपियों के घर के बाहर प्रदर्शन किया बल्कि पुलिस को भी इस मामले की शिकायत दी।
जांच में ये भी खुलासा हुआ है कि ठगी से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल आरोपियों ने परिवार के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने में किया। फिलहाल, ईडी की इस मामले में आगे की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।



