Yuva Haryana : हरियाणा में धान खरीद के दौरान हुए घोटाले में लगातार कार्रवाई जारी है। करनाल में करोड़ों रुपए के धान घोटाले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग निदेशालय ने करनाल डीएफएससी विभाग के चार निरीक्षकों और एक सहायक निरीक्षक को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।
आपको बता दें कि करनाल में अब तक धान घोटाले में शामिल 10 अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है। वहीं पांच लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, इनसे 5.25 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं।
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के पांच, हैफेड के तीन और मार्केटिंग बोर्ड के दो अधिकारी शामिल है। सभी पर जिले के अलग-अलग पुलिस थानों में धान गबन की प्राथमिकी दर्ज हैं।
आपको यह भी बता दें कि 29 अक्टूबर को फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान मिलों में पांच करोड़ रुपए से अधिक कीमत का धान कम मिला था। इस मामले में तरावड़ी और सदर थाने में दो मामले दर्ज भी किए गए थे।
प्रशासन की जांच में सामने आया है कि राइस मिल को मिलिंग के लिए दी गई धान में 33759 बैग यानी कि करीब 12659 क्विंटल धान कम पाया गया। यह धान करीब तीन करोड़ 54 लाख रुपए की कीमत का बताया जा रहा है।
यह बात भी सामने आ रही है कि इस बड़ी अनियमितता के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग के एक नियंत्रक की शिकायत पर राइस मिल संचालक और चार मंडियों के इंस्पेक्टरों के खिलाफ थाना सदर करनाल में एफआईआर दर्ज हुई है।
उधर, यमुनानगर जिले में भी करीब 70 करोड़ रुपए के धान घोटाले की जांच चल रही है। यहां गेट पास का मिलान शुरू हो गया है। हैफेड ने राइस मिलों में पड़े धान पर स्वामित्व जताते हुए इसे सुरक्षित सुपुर्द रखने के लिए कोर्ट में जब्त धान की सुपरदारी की मांग उठाई है।



