Yuva Haryana : हरियाणा पुलिस के महानिदेशक ओपी सिंह ने पुलिस सुरक्षा देने के विषय पर एक बार फिर से बड़ा बयान दिया है और शौकिया तौर पर पुलिस सुरक्षा लेने वालों पर सख्त रुख अपनाने की बात कही है।
दरअसल, रविवार को मधुबन पुलिस अकादमी में डीजीपी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान हरियाणा पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था पर चर्चा की गई और नए साल 2026 के लिए अपराध रोकने पर रणनीति बनाई गई।
पत्रकारों से रूबरू होते हुए डीजीपी ने साफ तौर पर कहा कि सुरक्षा लेना और देना कोई तमाशा नहीं है। यह फैसला इंटेलिजेंस इनपुट और ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर पूरा मंथन करके लिया जाता है। इतना ही नहीं जिला स्तर पर एसपी द्वारा जांच, सीआईडी रिपोर्ट, व्यक्ति के वास्तविक खतरे की पूरी परख करके ही सुरक्षा मुहैया करवाई जाती है।
उन्होंने कहा कि बिना किसी आधार के पुलिस सुरक्षा लेने वाले मामलों में न केवल कार्रवाई होगी बल्कि गलत तरीके से दी गई सुरक्षा की वसूली भी की जाएगी।
डीजीपी ने बताया कि हाल ही में पानीपत में सामने आया है कि चार गनमैन किसी व्यक्ति के साथ नजर आ रहे थे, जिसमें सुरक्षा पाने वाला शख्स विजिटर्स को बुलाकर बुके ले रहा था और दोनों गनमैन फोटो खिंचवा रहे थे।
ओपी सिंह ने कहा कि यह मामला जब उनके संज्ञान आया तो उन्होंने तुरंत इसपर एक्शन लिया और चारों गनमैनों को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों को पहले सुरक्षा दी गई है और अगर जांच में सामने आया कि उन्हें कोई वास्तविक खतरा नहीं है तो उनसे सुरक्षा की वसूली की जाएगी।
इस दौरान डीजीपी ने ये भी कहा कि गैंगस्टर रंगदारी के नाम पर भीख मांगते है, गिड़गिड़ाते है और इनसे डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे पास आधुनिक हथियार और 70 हजार जवान है।
हालांकि, जब पत्रकारों ने डीजीपी से पूछा कि 31 दिसंबर को आपको कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है तो ऐसे में आगे की क्या योजना रहेगी ? इस सवाल पर डीजीपी ने कोई जवाब नहीं दिया।



