Yuva Haryana : हरियाणा के पंचकुला में हजारों वृक्ष काटने का एक बड़ा मामला सामने आया है। यह खुलासा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा गठित एक कमेटी की रिपोर्ट में किया गया है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार यह मामला पंचकूला के बीर घग्गर स्थित राधा स्वामी सत्संग ब्यास डेरा से जुड़ा हुआ है। जहां लगे देशी प्रजाति के हजारों पेड़ों की कटाई कर दी गई है।
अब एनजीटी ने इस मामले में पर्यावरण मंत्रालय, हरियाणा सरकार के वन विभाग, डेरा ब्यास और शिकायतकर्ता से जवाब मांगा है।
इस बीच शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब से उसने शिकायत की है उसे लगातार धमकियां मिल रही है। इसे देखते हुए शिकायतकर्ता को हरियाणा पुलिस द्वारा सुरक्षा मिल गई है।
साथ ही इस पर एनजीटी ने भी संबंधित अथॉरिटी को निर्देश दिए है कि शिकायत देने वाले आवेदक को परेशान न किया जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।
जानकारी के मुताबिक साल 1998 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने ब्यास डेरा को पंचकूला के बीर घग्गर में 40 एकड़ जमीन हस्तांतरित की थी। उस समय इस भूमि पर देशी प्रजातियों के 4,322 पेड़ और 1,128 पौधे लगे थे। इनमें खैर के 2,106 पेड़, सागौन के 136, शीशम के 721, यूकेलिप्टस की 199 और कीकर के 723 पेड़ थे।
भूमि हस्तांतरण के समय मंत्रालय ने शर्त रखी थी कि यहां सिर्फ पौधरोपण किया जाएगा और कोई निर्माण नहीं होगा।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोप लगाते हुए शिकायत की थी कि इस भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई कर दी गई है और भूमि पर अवैध निर्माण भी किया गया है। इसके बाद एनजीटी ने भूमि के निरीक्षण व जांच के लिए एक सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित की। अब इस कमेटी रिपोर्ट में यह बड़ा खुलासा हुआ है।



