Yuva Haryana : हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह द्वारा दिए गए बयान “थार और बुलेट वाले गुंडे बदमाश हैं” पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में अब एक और नया विवाद सामने आया है।
दरअसल, गुरुग्राम के एक थार मालिक ने डीजीपी के इस बयान को व्यक्तिगत तौर पर अपमानजनक मानते हुए कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना है। थार मालिक ने अपने वकील के माध्यम से डीजीपी को लीगल नोटिस भेजा है और कई प्रमुख मांगें रखी है।
इस नोटिस के माध्यम से थार और बुलेट वालों पर दिए गए बयान पर 15 दिनों में सार्वजनिक रूप से डीजीपी को माफी मांगने के लिए कहा गया है।
शिकायतकर्ता सर्वो मित्र ने लीगल नोटिस में डीजीपी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के साथ-साथ थार मालिकों पर दिए गए बयान को वापस लेने की मांग की है।
नोटिस में यह भी लिखा गया है कि डीजीपी के बयान के बाद लोगों ने थार मालिक का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया है, जिससे उसे मानसिक तनाव और सामाजिक असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही थार मालिक का आरोप है कि बयान के बाद लोग उसे देखकर ताने मारते है इसलिए यह बयान उन जैसे हजारों थार मालिकों की छवि खराब करता है। थार मालिक का कहना है कि जनवरी 2023 में उन्होंने करीब 30 लाख रुपये से अधिक राशि खर्च करके थार गाड़ी खरीदी थी। यह गाड़ी उनके परिवार की भी पसंद है।
सर्वो मित्रा ने भेजे गए नोटिस में यह भी कहा कि उनका एक बेटा कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है जबकि दूसरा बेटा नौकरी करता है। उनका कहना है कि डीजीपी का बयान आने के बाद लोग उन्हें चिढ़ाने लगे हैं। डीजीपी का बयान थार गाड़ी खरीदने वाले लोगों को मानसिक रूप से कमजोर, घमंडी और गलत व्यवहार करने वाला बताता है, जिससे उनकी छवि खराब हो रही है।
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि अगर 15 दिन में डीजीपी की ओर से माफी या बयान वापसी नहीं होता है तो वह आगे अदालत में जाने पर भी विचार करेगा।
आपको बता दें कि यह मामला आठ नवंबर को डीजीपी द्वारा दिए गए उस बयान से जुड़ा हुआ है, जिसमें गुरुग्राम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी ने कहा था कि थार और बुलेट चलाने वाले अधिकतर लोग अपराधी मानसिकता के होते हैं।
इसके बाद से ही यह बयान सोशल मीडिया पर विवाद में आ गया था। यहां तक कि हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भी सोशल मीडिया पर इसको लेकर प्रतिक्रिया दी थी।



