Yuva Haryana : सुप्रीम के नए आदेश के बाद देश की सबसे प्राचीन पर्वतमाला अरावली के संरक्षण को लेकर कई राज्यों में मचे बवाल के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, केंद्र ने अरावली में नई माइनिंग लीज को लेकर रोक लगाने का निर्देश जारी किए है।
इस संबंध में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखा गया है, इसके अनुसार जब तक नई गाइडलाइन तैयार नहीं होती तब तक नई माइनिंग लीज नहीं दी जाने के आदेश दिए गए है।
केंद्र सरकार के अनुसार यह रोक पूरे अरावली क्षेत्र पर समान रूप से लागू होगी। केंद्र सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य अरावली की भौगोलिक संरचना को सुरक्षित रखना और अनियंत्रित खनन को रोकना है।
साथ ही सरकार ने कहा कि वर्तमान में चल रहे खनन कार्यों पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी। पर्यावरण की रक्षा और टिकाऊ खनन के लिए अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
गुजरात से लेकर राजस्थान, हरियाणा होते हुए दिल्ली एनसीआर तक फैले इस अरावली क्षेत्र लिए एक वैज्ञानिक और समग्र खनन प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने आईसीएफआरई को आदेश जारी किए है।
एक तरफ जहां सरकार खनन को लेकर नई ठोस नीति बनाने का दावा कर रही है, वहीं कई प्रमुख समाचार पत्रों ने अरावली क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन के मामले भी उजागर किए है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हरियाणा में यहां के अलावा राजस्थान के भी अवैध खनन माफिया बड़ी संख्या में क्रशरों तक आपूर्ति करने के लिए जमकर अवैध खनन कर रहे है। राजस्थान की कई माइनिंग इकाइयों का हरियाणा सीमा को लेकर विवाद चल रहा है, जिसके चलते हरियाणा के क्षेत्र में अवैध खनन करने के मामले सामने आए है।
वहीं अरावली में अवैध खनन के चलते न केवल पहाड़ी की सुंदरता गायब हो रही है, बल्कि भूजल का स्तर भी गिरता जा रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 1990 से पहले अरावली क्षेत्र में 15 से 20 मीटर पर ही पानी मिल जाता था, लेकिन अब भूजल स्तर बहुत नीचे चला गया है।
पहले अरावली के पहाड़ों में झरने बहते थे, लेकिन अब केवल मेवात में ही एक-दो झरने देखने को मिल रहे है और वह भी खत्म होने के कगार पर है।
यहां तक कि अरावली के इलाके में बने प्राकृतिक तालाबों में भी पूरे साल पानी नहीं रहता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 1990 तक अरावली क्षेत्र पूरा सुरक्षित था, लेकिन साल 2000 से लेकर 2004 तक यहां जमकर अवैध खनन हुआ, जिससे पहाड़ी क्षेत्र की सुंदरता बिगड़ गई।
उधर, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का कहना है कि अरावली में खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध है और दिल्ली के आसपास पहाड़ी सुरक्षित है। सुप्रीम कोर्ट ने नियमों को सख्त करने के आदेश दिए है, जिसकी पालना की जा रही है।
साथ ही मनोहर लाल ने कांग्रेस पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि साल 2006 में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब भी अरावली में खनन के यही नियम थे, जिन्हें कुछ लोगों ने ढिल दे दी थी, उन्हें अब सख्त किया जा रहा है। ऐसे में अब जहां अवैध खनन हो रहा है, उसे रोका जा रहा है।



