Yuva Haryana: हरियाणा में सरकारी राशन की कालाबाजारी पर रोक लगाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने नई व्यवस्था तैयार की है। अब राशन डिपो होल्डरों के कामकाज की जांच के लिए हर महीने सत्यापन फॉर्म भरवाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक डिपो के क्षेत्र में रहने वाले करीब 150 उपभोक्ताओं से सीधे जानकारी लेकर यह पता लगाया जाएगा कि उन्हें निर्धारित मात्रा में राशन मिल रहा है या नहीं।
यह कदम राशन वितरण में गड़बड़ी, अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। हरियाणा में राशन डिपो और पात्र लाभार्थियों के सत्यापन को लेकर पहले भी अभियान चलाए गए हैं।
चार कॉलम वाले फॉर्म में दर्ज होगी पूरी जानकारी
नई व्यवस्था के तहत सत्यापन फॉर्म में चार कॉलम होंगे। इनके माध्यम से उपभोक्ताओं को मिलने वाले राशन और वितरण प्रक्रिया से जुड़ी अहम जानकारी जुटाई जाएगी।
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पहला कॉलम: उपभोक्ता को किस तारीख को राशन मिला।
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दूसरा कॉलम: उपभोक्ता को निर्धारित मात्रा से कम या पूरा राशन मिला।
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तीसरा कॉलम: राशन वितरण के दौरान कटौती या गड़बड़ी कितनी हुई।
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चौथा कॉलम: उपभोक्ता के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान।
इस फॉर्म का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डिपो होल्डर रिकॉर्ड में पूरा राशन वितरित दिखाकर उपभोक्ताओं को कम राशन न दें। सत्यापन के दौरान उपभोक्ताओं से सीधे जानकारी लेने पर वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
हर महीने के आखिरी सप्ताह में होगा सत्यापन
हर महीने राशन वितरण पूरा होने के बाद अंतिम सप्ताह में सत्यापन फॉर्म भरवाया जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की निगरानी में इस प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। फरीदाबाद में व्यवस्था शुरू होने के बाद इसे पलवल, नूंह और गुरुग्राम में भी लागू करने की योजना बताई गई है।
इससे विभाग को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि राशन वितरण के दौरान किसी उपभोक्ता को कम अनाज तो नहीं दिया जा रहा या रिकॉर्ड में गलत जानकारी तो दर्ज नहीं की जा रही।
150 उपभोक्ताओं से सीधे जुटाई जाएगी जानकारी
जिला स्तर पर हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक राशन डिपो होल्डर के क्षेत्र में आने वाले लगभग 150 उपभोक्ताओं से सीधे जानकारी ली जाएगी। इसके आधार पर राशन वितरण की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाएगा।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की जिला नियंत्रक कविता सिंह परिहार के नेतृत्व में इस व्यवस्था को लेकर मंथन किया गया। अधिकारियों का उद्देश्य यह है कि सत्यापन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि उपभोक्ताओं की वास्तविक शिकायतों और अनुभवों को भी शामिल किया जाए।
मंत्री राजेश नागर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर ने जिले के अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि राशन वितरण में कालाबाजारी और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने संकेत दिया कि यदि सुधार नहीं हुआ तो दिवाली के बाद सख्त कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय कार्रवाई में लाइसेंस रद्द करने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं।
तीन महीने में चार डिपो होल्डरों पर केस
पिछले तीन महीनों के दौरान चार डिपो होल्डरों के खिलाफ कालाबाजारी के आरोप में मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें एक डिपो होल्डर का लाइसेंस रद्द किया गया, जबकि एक ट्रांसपोर्टर के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ।
इन कार्रवाइयों से विभाग यह संदेश देना चाहता है कि सरकारी राशन की हेराफेरी करने वालों पर नजर रखी जा रही है। नई सत्यापन व्यवस्था से अनियमितताओं की पहचान करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा में राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सत्यापन और पात्र लाभार्थियों की पहचान पर जोर दिया जा रहा है। राज्य में राशन डिपो के सत्यापन के लिए पहले भी अभियान चलाए जा चुके हैं।

