Yuva Haryana : हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सचिवालय से ‘सतर्क-हरियाणा’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया। इस ऐप के जरिए प्रदेश का कोई भी नागरिक भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत सीधे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो तक पहुंचा सकेगा।
इस ऐप में शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ ऑडियो-वीडियो जैसे डिजिटल सबूत अपलोड करने की सुविधा भी दी गई है। शिकायतकर्ता की पहचान को गोपनीय रखने का प्रावधान किया गया है।
हेल्पलाइन नंबर याद रखने की जरूरत नहीं
‘सतर्क-हरियाणा’ ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और जल्द ही इसे एप्पल ऐप स्टोर पर भी जारी किया जाएगा। ऐप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की हेल्पलाइन से सीधे संपर्क करने की सुविधा दी गई है। ऐसे में नागरिकों को हेल्पलाइन नंबर अलग से याद रखने की जरूरत नहीं होगी।
शिकायत के साथ डिजिटल सबूत भी कर सकेंगे अपलोड
ऐप के जरिए नागरिक भ्रष्टाचार से संबंधित ऑडियो, वीडियो, फोटो और अन्य डिजिटल सबूत भी अपलोड कर सकेंगे। यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार की शिकायत करना चाहता है, लेकिन पुलिस या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में केस दर्ज नहीं कराना चाहता, तब भी वह ऐप के माध्यम से जानकारी साझा कर सकता है। ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने का प्रावधान है।
23 जिलों से जुड़ी जानकारी एक जगह
ऐप में प्रदेश के 23 जिलों से संबंधित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अधिकारियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। किसी जिले का चयन करने पर संबंधित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के इंचार्ज का नाम, मोबाइल नंबर और कार्यालय की लोकेशन स्क्रीन पर दिखाई देगी। इसके जरिए जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी से संपर्क किया जा सकेगा।
गलत शिकायत या फर्जी सामग्री पर होगी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को बदनाम करने की नीयत से गलत जानकारी देने या झूठी शिकायत करने पर कार्रवाई की जा सकती है। ऐप के जरिए जानबूझकर भ्रामक, मनगढ़ंत या फर्जी सामग्री अपलोड करने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो प्रमुख डॉ. अशोक कुमार सिंघल ने लोगों से अपील की है कि बिना आधार के किसी अधिकारी या कर्मचारी को बदनाम करने के उद्देश्य से फर्जी सूचना या सामग्री अपलोड न करें।

