रोहतक की पार्किंग समस्या पहुंची हरियाणा लोक भवन, DC आवास शिफ्ट कर 2.5 एकड़ जमीन पर पार्किंग बनाने की मांग
Yuva Haryana: शहर में बढ़ती पार्किंग की समस्या और बिगड़ती यातायात व्यवस्था का मुद्दा अब हरियाणा लोक भवन तक पहुंच गया है। पूर्व गृह मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुभाष बत्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मुलाकात कर रोहतक की प्रमुख नागरिक समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए जिला न्यायालय परिसर के आसपास पार्किंग की गंभीर समस्या का स्थायी हल निकालने का सुझाव दिया।
बत्रा ने अदालत परिसर के नजदीक स्थित उपायुक्त (DC) के मौजूदा आवास को ऑफिसर्स कॉलोनी में स्थानांतरित करने की मांग रखी। उनका कहना है कि आवास शिफ्ट होने से 2.5 एकड़ से अधिक जमीन उपलब्ध हो सकती है। इस जमीन पर आधुनिक और व्यवस्थित पार्किंग सुविधा विकसित की जा सकती है। जरूरत के अनुसार यहां मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की संभावनाएं भी तलाशी जा सकती हैं।
कोर्ट परिसर के आसपास रोजाना लगता है जाम
सुभाष बत्रा ने कहा कि जिला अदालत परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में वकील, वादकारी और आम नागरिक पहुंचते हैं। पर्याप्त पार्किंग स्थान नहीं होने के कारण लोगों को अपने वाहन खड़े करने के लिए काफी देर तक जगह तलाशनी पड़ती है। इससे आसपास की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और यातायात प्रभावित होता है।
उन्होंने बताया कि पार्किंग की कमी के कारण जाम, लगातार हॉर्न बजने और वाहनों से निकलने वाले धुएं की समस्या भी बढ़ती है। इससे लोगों का समय और ईंधन बर्बाद होता है। साथ ही शोर और वायु प्रदूषण का असर आम नागरिकों के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर पड़ता है।
बत्रा के अनुसार, अदालत परिसर के पास उपायुक्त का वर्तमान आवास दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है, क्योंकि ऑफिसर्स कॉलोनी में आवास की व्यवस्था उपलब्ध है। खाली होने वाली जमीन का इस्तेमाल सार्वजनिक सुविधा के लिए करना शहर के हित में होगा।
प्रमुख चौराहों पर यातायात सुधारने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में रोहतक के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग भी उठाई। इनमें मॉडल टाउन, मेडिकल मोड़, पावर हाउस चौक, अशोक चौक और शीला बाईपास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन स्थानों पर यातायात का दबाव कम करने और वाहनों की आवाजाही सुचारू बनाने के लिए प्रभावी योजना तैयार करने का सुझाव दिया गया।
इसके अलावा शहर में वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। बाजारों में पुलिस सुरक्षा बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी मजबूत करने और त्योहारों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का मुद्दा भी राज्यपाल के सामने रखा गया।
रेहड़ी-पटरी संचालकों के लिए वेंडिंग जोन बनाने का सुझाव
ज्ञापन में रेहड़ी-पटरी संचालकों के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। बत्रा ने कहा कि बाजारों में अव्यवस्थित तरीके से लगने वाली रेहड़ियों के कारण यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। इसके लिए उचित स्थान तय किए जाने चाहिए, ताकि छोटे व्यापारियों की आजीविका भी प्रभावित न हो और बाजारों में व्यवस्था भी बनी रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने अस्पतालों तक एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने, जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ट्रैफिक रूट तैयार करने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, सफाई व्यवस्था सुधारने और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग भी की।
समस्याओं के समाधान के लिए उच्चस्तरीय समिति का सुझाव
सुभाष बत्रा ने शहर की नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए संयुक्त उच्चस्तरीय समिति गठित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए समयसीमा तय होनी चाहिए, ताकि लोगों को केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर राहत मिल सके।
इससे पहले भी रोहतक में पार्किंग और ट्रैफिक जाम का मुद्दा उठाया जा चुका है। शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर पार्किंग की कमी के कारण लोगों को परेशानी होती रही है। अब प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के सामने इन समस्याओं के साथ उनके समाधान के सुझाव भी रखे हैं।
फिलहाल उपायुक्त आवास को स्थानांतरित करने और वहां पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव प्रतिनिधिमंडल की मांग है। इस पर प्रशासन या सरकार की ओर से कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि शहर की पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े इन मुद्दों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

