Yuva Haryana: राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ में 800 मेगावाट की अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल विस्तार इकाई के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरणीय मंजूरी हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके लिए कंसल्टेंसी एजेंसी भी हायर कर ली गई है। खास बात यह है कि नई 800 मेगावाट की इस इकाई के लिए पहले ही कोल लिंकेज मिल चुका है।
प्लांट की कुल क्षमता बढ़कर हो जाएगी 2 हजार मेगावाट
चीफ इंजीनियर अशोक महेश्वरी ने जानकारी दी है कि कंसल्टेंसी एजेंसी अब जमीन, ड्राइंग और अन्य जरूरी कार्य देखेगी। मौजूदा समय में राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ की बिजली उत्पादन क्षमता 1200 मेगावाट है, जहां 600-600 मेगावाट की दो इकाइयां संचालित हो रही हैं। इस तीसरी नई इकाई के शुरू हो जाने के बाद प्लांट की कुल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर 2 हजार मेगावाट हो जाएगी।
ओवरहॉलिंग के चलते एक यूनिट 55 दिनों के लिए बंद
दूसरी ओर, प्लांट प्रशासन के अनुसार खेदड़ थर्मल पावर प्लांट की दो इकाइयों में से एक इकाई को ओवरहॉलिंग (रखरखाव) के चलते 55 दिनों के लिए शटडाउन पर रखा गया है। यूनिट की टरबाइन की सर्विसिंग व मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक नियमित प्रक्रिया है। सर्दियों के मौसम में बिजली की मांग आम तौर पर कम हो जाती है, इसलिए इसी समय को ओवरहॉलिंग के लिए चुना गया है। इस कार्य के चलते संबंधित यूनिट को 21 अक्टूबर से शटडाउन किया गया है।

