Yuva Haryana: हरियाणा के सरकार से सहायता प्राप्त (एडेड) कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों के सामने एक बार फिर आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। प्रदेशभर के 96 एडेड कॉलेजों के लगभग 2,800 कर्मचारियों को पिछले दो महीनों (अगस्त और सितंबर) का वेतन नहीं मिला है।
कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि जब राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में एडेड कॉलेजों के लिए बजट पारित किया जाता है, उसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन के लिए तरसना पड़ता है।
त्यौहारों के मौसम में आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारी
हरियाणा कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह परमार ने बताया कि त्यौहारों के इस सीजन में पिछले 2 महीने से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
घरेलू जरूरतों पर असर: वेतन न मिलने से परिवार के दैनिक खर्च, बच्चों की स्कूल-कॉलेज फीस और अन्य अनिवार्य जिम्मेदारियां पूरी करना मुश्किल हो गया है।
बजट प्रक्रिया में देरी: एसोसिएशन ने उच्च शिक्षा विभाग और वित्त विभाग से अपील की है कि वे प्रशासनिक और बजट से जुड़ी प्रक्रियाओं को तुरंत पूरा करें और सभी 96 एडेड कॉलेजों के लिए रुका हुआ वेतन जल्द से जल्द उनके खातों में ट्रांसफर करने के निर्देश दें।
हर साल दोहराई जाती है समस्या
एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दयानंद मलिक ने चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में अन्य सभी सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलता है, लेकिन एडेड कॉलेज के कर्मचारियों के साथ हर साल यही समस्या होती है। कभी दो महीने तो कभी कई महीनों तक वेतन अटक जाता है, जिससे कर्मचारियों को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है।
मांग: एसोसिएशन ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि प्रक्रियात्मक देरी को खत्म कर वेतन तुरंत जारी किया जाए ताकि शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत मिल सके।

