Yuva Haryana: हरियाणा में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनसे जुड़े मामलों को देखते हुए नसबंदी एवं एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान तेज कर दिया गया है। निकायों के सामने अब 30 सितंबर तक करीब 58 हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने की चुनौती है। उपलब्ध समय में तीन दिन शेष रहने के बावजूद राज्य के निकायों को करीब 11 हजार कुत्तों की नसबंदी करनी बाकी है।
राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से 30 अगस्त 2026 के बीच प्रदेश में करीब 45 हजार कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी की जा चुकी है। 30 सितंबर की समयसीमा पूरी होने के बाद केंद्र और राज्य स्तर पर पूरे अभियान की समीक्षा की जाएगी।
66 एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर सक्रिय
अभियान को गति देने के लिए प्रदेश में फिलहाल 66 एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 25 नए सेंटर खोलने का प्रस्ताव अंतिम चरण में है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगी गई स्टेटस रिपोर्ट के जवाब में हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने इस अभियान की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है।
केंद्र सरकार ने अधिकारियों को 30 सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापरवाही बरतने वाले निकायों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई है।
1600 फीडिंग पॉइंट चिन्हित
आवारा कुत्तों के हमलों को रोकने और उनकी फीडिंग को व्यवस्थित करने के लिए निकायों की ओर से 1,600 सुरक्षित फीडिंग पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर कुत्तों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
इसके साथ ही लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रदेश के सभी 87 शहरी निकायों में हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग जिम्मेदारी
अभियान की निगरानी के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
शहरी क्षेत्र: नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के माध्यम से अभियान चलाया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र: पंचायती राज विभाग गांवों में आवारा कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण की जिम्मेदारी संभाल रहा है।
निगरानी: पूरे प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग डायरी एवं पशुपालन विभाग की ओर से की जा रही है।
निकायों के प्रदर्शन पर लागू होगी अंक प्रणाली
केंद्र सरकार ने केवल लक्ष्य तय करने के बजाय निकायों की जवाबदेही तय करने के लिए 10 अंकों की रिपोर्ट कार्ड प्रणाली (परफॉर्मेंस इंडेक्स) भी लागू की है। निकायों के प्रदर्शन के आधार पर उनके भविष्य के बजट को तय करने की व्यवस्था की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 70% तक कार्य पूरा करने वाले निकायों को 0 अंक, जबकि 71% से 80% तक कार्य पूरा करने पर 5 अंक और 90% या उससे अधिक कार्य पूरा करने पर 10 अंक दिए जाएंगे। प्रदर्शन के आधार पर प्रोत्साहन और आगामी विकास कार्यों में प्राथमिकता देने का प्रावधान भी रखा गया है।

