Yuva Haryana : हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह अपने बयानों को लेकर खासा चर्चा में रहते हैं। “थार और बुलेट बदमाश चलाते है” वाले बयान से चर्चा में आए ओपी सिंह ने अब डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर भी बड़ा बयान दिया है।
ओपी सिंह ने ये कहा
“डिजिटल अरेस्ट की बात कोरी बकवास है। दो कौड़ी के बहुरूपिये इस तरह की ठगी करते हैं। अगर कोई आपके साथ ऐसी कोई नौटंकी करें तो पहले इनको सौ गालियां निकालें। फिर साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। जिस नंबर से कॉल आया था उसे बताएं। हरियाणा सरकार ने इनकी मरम्मत के लिए साइबर कमांडो भर्ती कर रखे हैं”

साथ ही ओपी सिंह ने कहा कि राज्य पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी पर काफी हद तक नियंत्रण किया है और लोगों में जागरूकता बढ़ने से ठगी के मामलों में समय रहते कार्रवाई संभव हो पाई है।
साइबर धोखाधड़ी पर पुलिस की कार्रवाई
- जनवरी से अक्टूबर 2025 तक हरियाणा में 1,20,000 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज
- लोगों से करीब 550 करोड़ रुपए की ठगी हुई
- पुलिस ने 200 करोड़ रुपये की साइबर ठगी रोकने में सफलता हासिल की
- हरियाणा पुलिस के पास 70 सदस्यों की एक विशेष टीम कॉल सेंटर में तैनात
- यह टीम पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने और उनकी राशि रोकने में तुरंत सहायता करती है
- 1930 पर कॉल करने पर शिकायत तुरंत गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर दर्ज होती है
हरियाणा में डिजिटल अरेस्ट ठगी का बड़ा मामला
- सितंबर माह में हरियाणा के अंबाला जिले में एक बुजुर्ग दंपति से 1.5 करोड़ रुपए की ठगी हुई
- हरियाणा रोडवेज की रिटायर्ड ऑडिटर रहीं महिला और उसके पति को 13 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया
- ठगों ने सीबीआई के फर्जी अधिकारी बनकर व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल किया और सुप्रीम कोर्ट का फर्जी आदेश दिखाया
- मनी लॉन्ड्रिंग की फर्जी कहानी गढ़कर 3 सितंबर से 16 सितंबर तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखा
- ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा आरोप लगाकर दंपति की एफडी तुड़वा कर रकम ट्रांसफर करवाई
- ठगी का खुलासा तब हुआ जब तनाव में आए पति की तबीयत बिगड़ी और उसने सारी कहानी अपनी बेटी को बताई
- बाद में साइबर थाने में केस दर्ज कराया गया
- इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी खुद संज्ञान लिया था और केंद्र सरकार, सीबीआई, हरियाणा सरकार और साइबर क्राइम विभाग को नोटिस जारी किया
एक तरफ जहां डिजिटल अरेस्ट के इतने-इतने बड़े गंभीर मामले सामने आ रहे है और सुप्रीम कोर्ट खुद गंभीरता से उसपर संज्ञान ले रहा है तो वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के डीजीपी द्वारा डिजिटल अरेस्ट को कोरी बकवास बताना कितना उचित है?
कुछ दिन पहले भी हरियाणा के डीजीपी का बुलेट और थार पर दिया बयान सुर्खियों में रहा था। ओपी सिंह ने कहा था कि बुलेट और थार पर बदमाश चलते है। डीजीपी का ये बयान काफी चर्चा में रहा था और इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आई थी।

हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की बुलेट पर चलते हुए फोटो, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की थार और खुद की बुलेट बाइक राइड वाली तस्वीरें लगाई और डीजीपी से पूछा कि क्या ये भी बदमाश हैं ?



