Yuva Haryana: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने करनाल में एक जनसभा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी हाथ में संविधान की किताब लेकर लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, वहीं दूसरी तरफ वे खुद संसद में चर्चा से बचते हैं। शाह ने कहा कि संवैधानिक पद पर होने के बावजूद राहुल गांधी संस्थाओं में बहस करने के बजाय सड़क पर भीड़ जुटाकर चर्चा करना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री को पत्र लिखें, एसआईआर पर विशेष सत्र के लिए तैयार है सरकार
गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे चाहें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख सकते हैं, और सरकार एसआईआर (SIR) पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को पूरी तरह तैयार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यदि सड़क पर चर्चा करने का इतना ही शौक है, तो हरियाणा में कोई भी चौराहा तय कर दें, भाजपा युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष ही उनसे चर्चा कर लेगा।”
सेक्टर-12 में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के बाद जनसभा
करनाल के सेक्टर-12 में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने जोर देकर कहा कि देश में कानून बनाने, समस्याओं और कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा संसद और विधानसभाओं के भीतर होनी चाहिए, न कि सड़कों पर। उन्होंने कहा कि यदि मुद्दों में सच्चाई और तर्क है, तो संसद में चर्चा करनी चाहिए, क्योंकि वहां हर सवाल का जवाब दिया जाएगा।
मतदाता सूची की शुद्धता पर उठाए सवाल
सभा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर भी बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने जनता से सवाल किया कि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है या जो प्रदेश छोड़कर जा चुके हैं, उनके नाम अभी तक मतदाता सूची से क्यों नहीं हटने चाहिए? उन्होंने एक से अधिक स्थानों पर वोट दर्ज कराने वालों और घुसपैठियों के नाम हटाने की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए विपक्ष के रुख पर भी सवाल खड़े किए।
इस अवसर पर मंच पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री एवं हरियाणा प्रभारी स्मृति ईरानी सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

