Yuva Haryana: हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन खरीद प्रक्रिया को लेकर किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 4.60 लाख एकड़ धान का वेरिफिकेशन अभी पेंडिंग है, जबकि करीब 5.73 लाख एकड़ क्षेत्र का सत्यापन बाकी बताया जा रहा है। गलत या अधूरे डेटा के कारण किसानों को मंडियों में फसल बेचने में दिक्कत आ रही है।
धान की सरकारी खरीद 29 सितंबर से शुरू हुई थी। खरीद की रफ्तार धीमी रहने के बीच कई किसान मंडियों में धान लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन पोर्टल पर दर्ज फसल का वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण उनकी फसल की खरीद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही।
4.60 लाख एकड़ का वेरिफिकेशन पेंडिंग
20 और 25 सितंबर को सीएम के साथ हुई बैठकों में कृषि विभाग ने करीब 4.60 लाख एकड़ धान का वेरिफिकेशन पेंडिंग बताया था। विभाग को इसे तीन दिन में पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसानों का सत्यापन लंबित है।
वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण संबंधित किसानों के लिए ई-खरीद पोर्टल से मंडी गेट पास जारी नहीं हो पा रहे हैं। इससे किसानों को अपनी फसल मंडी में बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
5.73 लाख एकड़ का सत्यापन बाकी
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इस मामले को लेकर राजस्व विभाग को पत्र लिखा है। विभाग ने राजस्व अधिकारियों, खासकर जिला उपायुक्तों से धान के क्षेत्र का सत्यापन जल्द पूरा कराने के निर्देश देने का अनुरोध किया है।
विभाग का कहना है कि जिन किसानों की फसल का डेटा मिसमैच है, उसका सत्यापन कराया जाए, ताकि किसान अपनी फसल मंडियों में बेच सकें।
नमी वाले धान की कटाई रोकने के लिए धारा-163
धान की कटाई को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। ज्यादा नमी वाली फसल मंडियों में न पहुंचे, इसके लिए धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने करनाल में मंडियों में धान नहीं पहुंचने की समस्या को लेकर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड को भी पत्र लिखा है।
किसानों के सामने दोहरी परेशानी
एक तरफ वेरिफिकेशन और पोर्टल से जुड़े तकनीकी मुद्दों के कारण किसानों को धान बेचने में परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर अधिक नमी वाली फसल को लेकर प्रशासन की सख्ती ने चिंता बढ़ा दी है। किसानों की मांग है कि लंबित वेरिफिकेशन जल्द पूरा किया जाए, ताकि मंडियों में फसल की बिक्री सुचारू रूप से हो सके।

