हरियाणा के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दिवाली से पहले मिलेगा ₹15,000 का ब्याजमुक्त एडवांस, 24 अक्टूबर तक करें आवेदन
Yuva Haryana: हरियाणा सरकार ने दिवाली और त्योहारी सीजन के दौरान अपने कर्मचारियों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार पात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ₹15,000 की ब्याजमुक्त अग्रिम राशि देगी। इस राशि का इस्तेमाल कर्मचारी त्योहारों की खरीदारी और अन्य जरूरी खर्चों के लिए कर सकेंगे। वित्त विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकार के निर्देशों के अनुसार, पात्र कर्मचारी 24 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। एडवांस की मंजूरी और वितरण की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। यह सुविधा स्थायी और अस्थायी, दोनों तरह के नियमित चतुर्थ श्रेणी राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए है। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं।
10 महीने में लौटाने होंगे ₹15,000
सरकार की ओर से दी जाने वाली ₹15,000 की अग्रिम राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। कर्मचारियों को यह रकम 10 समान मासिक किस्तों में लौटानी होगी। इस हिसाब से हर महीने वेतन से ₹1,500 की किस्त काटी जा सकती है।
यह सुविधा त्योहारों के दौरान कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इससे पात्र कर्मचारियों को एकमुश्त रकम मिलेगी, जबकि इसकी वापसी अगले 10 महीनों में किस्तों के माध्यम से की जाएगी।
कौन-कौन कर्मचारी कर सकते हैं आवेदन?
हरियाणा सरकार के आदेश के मुताबिक, राज्य सरकार के विभागों, बोर्ड-निगमों और स्वायत्त संस्थानों में नियमित चतुर्थ श्रेणी पदों पर कार्यरत पात्र कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ मिल सकता है। कर्मचारी के अगले 10 महीने तक सेवा में बने रहने की संभावना होनी चाहिए।
अस्थायी नियमित कर्मचारी को एडवांस लेने के लिए किसी स्थायी राज्य सरकारी कर्मचारी की जमानत भी देनी होगी। संबंधित विभाग के आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) आवेदन और पात्रता की जांच के बाद अग्रिम राशि मंजूर करेंगे।
यदि पति-पत्नी दोनों राज्य सरकार की नौकरी में हैं, तो इस सुविधा का लाभ उनमें से केवल एक कर्मचारी को मिलेगा। इसका उद्देश्य एक ही परिवार में दो बार एडवांस दिए जाने से रोकना है।
इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ
सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस सुविधा से बाहर रखा है। कार्यभारित कर्मचारी, आकस्मिक वेतन पाने वाले कर्मचारी, दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारी इस ब्याजमुक्त एडवांस के पात्र नहीं होंगे।
इसके अलावा, निलंबित कर्मचारियों और हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-7 के तहत कार्रवाई का सामना कर रहे कर्मचारियों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। दूसरे सरकारी विभागों, निगमों या स्थानीय निकायों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके मूल विभाग से यह अग्रिम राशि नहीं दी जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अपात्र कर्मचारी को एडवांस मंजूर करने पर संबंधित DDO की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। यदि कर्मचारी राशि का दुरुपयोग करता है, तो उससे 10 प्रतिशत की दर से दंडात्मक ब्याज वसूला जा सकता है।
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
पात्र कर्मचारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने विभाग के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन मंजूर करने से पहले अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कर्मचारी तय शर्तों को पूरा करता है और निर्धारित अवधि में राशि वापस करने के लिए सेवा में बना रहेगा।
विभागों को एडवांस की मंजूरी, वितरण और किस्तों में वसूली का रिकॉर्ड भी रखना होगा। कर्मचारियों को सलाह है कि आवेदन करने से पहले अपने कार्यालय या संबंधित DDO से प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर लें।
सरकारी आदेश: हरियाणा वित्त विभाग ने 14 अक्टूबर 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चतुर्थ श्रेणी राज्य सरकारी कर्मचारियों को ब्याजमुक्त त्योहार अग्रिम देने संबंधी आदेश जारी किया है।

