हरियाणा में सड़कों की बदहाली दूर करने के लिए शुरू किए गए ‘म्हारी सड़क’ पोर्टल पर शिकायतों का अंबार लगा है। एक साल में 1.02 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन 29,116 शिकायतों का समाधान नहीं हो पाया।
Yuva Haryana: हरियाणा में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने और आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘म्हारी सड़क’ पोर्टल सवालों के घेरे में है। पोर्टल पर एक साल में करीब 1.02 लाख सड़क संबंधी शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 71,879 शिकायतों का निस्तारण किया गया, जबकि 29,116 शिकायतें लंबित रहीं। रिपोर्ट में करीब 30 प्रतिशत शिकायतों का समाधान नहीं होने की बात सामने आई है।
सड़कों पर गड्ढे, जलभराव और खराब निर्माण के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बारिश के मौसम में सड़क पर बने गड्ढे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा देते हैं। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण में देरी से लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
10 दिन में गड्ढे भरने का नियम, फिर भी शिकायतें लंबित
सड़क संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए 10 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पाया। लोक निर्माण विभाग की 13,305 शिकायतों का समाधान लंबित बताया गया है।
यह स्थिति संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली और शिकायतों की निगरानी पर सवाल खड़े करती है। सड़क पर गड्ढे की शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होती है कि वह मौके की जांच करे और तय समय में समस्या को दूर करे। लेकिन कई मामलों में निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।
छह महीने तक बढ़ाई जा रही समाधान की अवधि
कुछ बड़ी शिकायतों के समाधान के लिए छह महीने तक की अवधि बढ़ाने की अनुमति मांगी गई। इनमें ऐसी सड़कें शामिल हो सकती हैं, जहां मरम्मत के बजाय व्यापक निर्माण या सुधार कार्य की जरूरत है।
हालांकि, बड़ी और छोटी शिकायतों को अलग-अलग श्रेणियों में रखना जरूरी है, लेकिन समय-सीमा बढ़ने से आम लोगों को लंबे समय तक खराब सड़कों से गुजरना पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि विभाग शिकायतों की प्राथमिकता तय करते समय सड़क की स्थिति, यातायात और दुर्घटना के खतरे को ध्यान में रखें।
सड़क हादसों के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले
सड़क हादसों के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में 10,352 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 4,893 लोगों की मौत और 8,738 लोग घायल हुए। वर्ष 2024 में 9,806 दुर्घटनाओं में 4,689 लोगों की मौत और 7,914 लोग घायल हुए थे।
वर्ष 2023 में 10,463 दुर्घटनाएं, 4,968 मौतें और 8,346 घायल दर्ज किए गए। वहीं, वर्ष 2022 में 10,429 दुर्घटनाओं में 4,915 लोगों की मौत और 8,519 लोग घायल हुए। इन आंकड़ों से सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता की जरूरत स्पष्ट होती है। हालांकि, इन आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी दुर्घटनाएं सड़क के गड्ढों के कारण हुईं।
अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की जरूरत
19 अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाने और चार अधिकारियों की लापरवाही पर एसईआर में दर्ज कार्रवाई का भी उल्लेख है। अलग-अलग जिलों में शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की गई है। शिकायतों का समय पर समाधान नहीं करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की जरूरत बताई गई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी ‘म्हारी सड़क’ ऐप की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए थे कि शिकायतों का समाधान होने और सत्यापन के बाद ही उन्हें बंद किया जाए। उन्होंने लंबित शिकायतों का तय समय-सीमा में निस्तारण करने और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया है।
नागरिक कैसे दर्ज करा सकते हैं शिकायत?
हरियाणा के नागरिक ‘म्हारी सड़क’ ऐप के माध्यम से सड़क पर गड्ढे, टूटी सड़क, जलभराव और अन्य समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत करते समय समस्या की फोटो और संबंधित स्थान की जानकारी देना उपयोगी रहता है। ऐप के माध्यम से शिकायत की स्थिति भी देखी जा सकती है।
सड़क निर्माण और मरम्मत में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि विभाग शिकायतों पर वास्तविक कार्रवाई करे और काम पूरा होने के बाद उसकी पुष्टि भी की जाए। पोर्टल पर शिकायत दर्ज होना पहला कदम है, लेकिन उसका समय पर समाधान ही इस व्यवस्था की वास्तविक सफलता तय करेगा।

