Yuva Haryana: हरियाणा में पंचायती राज विभाग और अन्य विभागों के कर्मचारियों के तबादले के लिए इस समय मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया के दौरान पंचायती राज विभाग में कई चौंकाने वाले और दिलचस्प तथ्य सामने आए हैं।
राज्य की 6,228 ग्राम पंचायतों के लिए ग्राम सचिवों के कुल 4,477 पद स्वीकृत हैं। इसके बावजूद विभाग ने 123 ग्राम सचिवों को सरप्लस घोषित कर दिया है। जिन सचिवों का स्कोर कम था, उन्हें उनकी पसंद के स्टेशन नहीं दिए जाएंगे और विभाग द्वारा सरप्लस दिखाए जाने के कारण अब इनका तबादला राज्य में कहीं भी किया जा सकता है।
शिक्षा विभाग की तर्ज पर ‘रेशनेलाइजेशन‘
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में कहीं एक ग्राम सचिव के पास दो ग्राम पंचायतों का कार्यभार है, तो कहीं-कहीं एक ही सचिव 8-8 ग्राम पंचायतों का काम संभाल रहा है। इस असंतुलन को ठीक करने के लिए विभाग ने शिक्षा विभाग की तर्ज पर रेशनेलाइजेशन का फार्मूला लागू किया है।
इसके तहत हर जिले में 70 से 80 प्रतिशत पदों को ही भरा जाएगा।
जिलों के बीच होगा फेरबदल
विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक:
- नूंह और यमुनानगर जैसे जिलों में ग्राम सचिवों के कई पद खाली पड़े हैं।
- हिसार, फतेहाबाद, झज्जर और रोहतक जैसे जिलों में लगभग सभी पद भरे हुए हैं।
- इस अंतर को खत्म करने के लिए अब विभाग की ओर से ग्राम सचिवों को दूसरे जिलों में स्थानांतरित (ट्रांसफर) किया जाएगा।
57 ब्लॉक ऐसे, जहां एक भी पद खाली नहीं
पंचायती राज विभाग ने प्रदेश के 86 ब्लॉकों में कुल 918 रिक्त पद बताए हैं, जबकि 57 ब्लॉकों में जीरो वैकेंसी (कोई पद खाली नहीं) है।
- शून्य रिक्तता वाले ब्लॉक: सोनीपत के 6, सिरसा व रोहतक के 5-5, रेवाड़ी, पानीपत, महेंद्रगढ़ और करनाल जिले के 3-3 ब्लॉकों में कोई रिक्त पद नहीं है।
- इन ब्लॉकों में बाहर से कोई भी कर्मचारी ट्रांसफर होकर नहीं आ पाएगा।
- कैथल के भी एक ब्लॉक में कोई वैकेंसी नहीं है।

