हरियाणा में बाढ़ प्रभावितों को मिला मुआवजा, सबसे ज्यादा नुकसान इन जिलों में हुआ, देखें

Yuva Haryana : हरियाणा में इस बार बाढ़ और मानसून सीजन में हुई भारी बरसात के कारण मकानों को हुए नुकसान का मुआवजा सरकार द्वारा पीड़ितों को दे दिया गया है।
सबसे ज्यादा मुआवजा फतेहाबाद, सिरसा, जींद और हिसार के प्रभावित ग्रामीणों को मिला है। वहीं महेंद्रगढ़ में सिर्फ एक लाभार्थी को ही 10 हजार रुपए मुआवजे के तौर पर मिले है।
एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा सरकार ने सात जनवरी को 16 जिलों के 2386 लाभार्थियों को चार करोड़ 72 लाख रुपए का मुआवजा जारी किया था। इसमें पांच हजार से लेकर सवा लाख रुपए तक की आर्थिक मदद सरकार द्वारा की गई है।
सबसे ज्यादा मुआवजा फतेहाबाद जिले के 582 लाभार्थियों को एक करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जारी की गई है। हालांकि, राशि के हिसाब से सबसे ज्यादा मुआवजा कैथल जिले में 26 लाभार्थियों को करीब एक करोड़ 62 लाख रुपए वितरित किए गए है।
सिरसा के 467 लाभार्थियों को करीब 95 लाख रुपए, जींद के 401 लाभार्थियों को करीब 43 लाख रुपए, हिसार के 362 लाभार्थियों को करीब 32 लाख रुपए, अंबाला के 216 लाभार्थियों को करीब 80 लाख रुपए, यमुनानगर के 99 लाभार्थियों को करीब 40 लाख रुपए,
रोहतक के 98 लाभार्थियों को करीब 14 लाख रुपए, मेवात के 46 लाभार्थियों को करीब साढ़े 24 लाख रुपए और झज्जर के 26 लाभार्थियों को करीब साढ़े सात लाख रुपए मुआवजे के तौर दिए गए है।
इनके अलावा पंचकूला के 24 लाभार्थियों को करीब 10 लाख रुपए, सोनीपत के 10 लाभार्थियों को करीब दो लाख रुपए, दादरी के 6 लाभार्थियों को करीब सवा लाख रुपए, रेवाड़ी के 10 लाभार्थियों को एक लाख रुपए, कुरुक्षेत्र के 12 लाभार्थियों को 60 हजार रुपए का मुआवजा सरकार द्वारा दिया गया है।
आपको बता दें कि मानसून सीजन में इस बार प्रदेश में भारी बरसात और नदियों के उफान के कारण इन ग्रामीणों क्षेत्रों में जलभराव के कारण मकानों को नुकसान पहुंचा था। सिरसा, फतेहाबाद, कैथल में घग्गर नदी, हिसार में घग्गर ड्रेन के टूटने के कारण जलभराव हो गया था।
ऐसे में प्रभावित 16 जिलों में बरसात और बाढ़ के कारण हुए नुकसान का क्लेम संबंधित पोर्टल पर पीड़ितों द्वारा किया गया था। साथ ही नुकसान का जायजा लेने के लिए सरकार द्वारा पटवारियों की भी जिम्मेदारी लगाई गई थी। इसके अलावा एसडीएम कार्यालय द्वारा भी क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दी गई थी।
First published on: January 15, 2026 05:03 PM