Yuva Haryana: हरियाणा फॉरेस्ट डिपार्टमेंट (वन विभाग) में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और सर्विस रूल्स को पूरी तरह दरकिनार कर ‘स्पेशल ड्यूटी’ व ‘एडिशनल चार्ज’ के नाम पर मनचाही पोस्टिंग बांटने का गंभीर मामला सामने आया है। विभागीय अधिकारियों तक पहुंची शिकायत के अनुसार, हेडक्वार्टर में बैठे कुछ प्रभावशाली कर्मचारियों ने आला अफसरों को गुमराह करके इस तरह के ऑर्डर करवा लिए हैं, जिससे पूरे फील्ड स्टाफ में भारी रोष व्याप्त है।
300 किलोमीटर दूर दोहरा प्रभार, उठ रहे सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक ही कर्मचारी को बिना पुराना प्रभार (चार्ज) हटाए बार-बार नई जगह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
यमुनानगर के कलेसर में तैनात एक कर्मचारी को करीब 300 किलोमीटर दूर हिसार मंडल के मंगाली ब्लॉक का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया है।
सवाल यह उठ रहा है कि 300 किमी की दूरी पर एक ही कर्मचारी एक ही समय में दो अलग-अलग जगहों का फील्ड वर्क कैसे संभाल सकता है?
जूनियर बने बॉस, सीनियर की आपत्तियों को दरकिनार किया
आरोप है कि ट्रांसफर रूल्स की धज्जियां उड़ाते हुए सीनियारिटी की अनदेखी की गई है:
- अम्बाला के शहजादपुर ब्लॉक में कैथल से ‘स्पेशल ड्यूटी’ पर चल रहे एक जूनियर कर्मचारी को सीधे ब्लॉक का प्रभार सौंप दिया गया।
- उसी ब्लॉक में तैनात एक सीनियर दरोगा ने डीएफओ (DFO) को लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि जूनियर के अधीन काम करना नियमों के खिलाफ है, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
- शिकायतकर्ताओं का कहना है कि राज्य में पारदर्शी ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने के बावजूद पसंदीदा कर्मचारियों को बैकडोर से विशेष आदेश जारी कर पोस्टिंग दी जा रही है। मामले की शिकायत अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) को भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
अधिकारियों का पक्ष:
“हमें बुधवार को इसकी शिकायत मिली है और इसका रिव्यू किया जा रहा है। शिकायत में जो भी आरोप लगाए गए हैं, उन सभी की निष्पक्ष जांच होगी। अगर कोई भी आदेश नियमों के विपरीत या गलत तरीके से जारी पाया गया तो उसे तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाएगा। मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है।”
— केसी मीणा, पीसीसीएफ एवं एचओएफएफ, वन विभाग, हरियाणा

