Yuva Haryana: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने पार्टी हाईकमान को पत्र लिखकर चुनाव से पहले स्थानीय स्तर पर नेताओं द्वारा किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने नाम न लेते हुए नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अब उनके बेटे सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे के तौर पर आगे किए जाने की चर्चाओं पर निशाना साधा है। हाल ही में बरोदा से कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल ने भी सार्वजनिक मंच से भूपेंद्र हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा दोनों को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बताया था।
सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की पैरवी
शर्मा ने प्रदेश प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत हाईकमान से 2029 का चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ने की पैरवी की है। उनका कहना है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा तय करने के बजाय चुनाव परिणाम आने के बाद इसका फैसला केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता सचिन पायलट के पंजाब में सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने संबंधी हालिया बयान का भी हवाला दिया है।
एक चेहरे को आगे करने से नुकसान का तर्क
शर्मा ने कहा है कि पिछले चुनावों में कांग्रेस को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके पीछे कई कारण रहे जिनमें चुनाव से पहले किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाना भी शामिल है।

